Edited By Anil Jangid, Updated: 04 Jun, 2026 04:43 PM

झालावाड़: राजस्थान के झालावाड़ जिले के भवानीमंडी में छह साल पुराने बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड मामले में अपर जिला एवं सेशन कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने वर्ष 2021 में गंगपुरा क्षेत्र में हुए इस सनसनीखेज मामले में 13 आरोपियों को दोषी करार...
झालावाड़: राजस्थान के झालावाड़ जिले के भवानीमंडी में छह साल पुराने बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड मामले में अपर जिला एवं सेशन कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने वर्ष 2021 में गंगपुरा क्षेत्र में हुए इस सनसनीखेज मामले में 13 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
इस मामले ने उस समय पूरे इलाके को दहला दिया था जब अवैध बजरी खनन को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। जानकारी के अनुसार, गंगपुरा में कुछ लोग बांध की जमीन पर अवैध खनन कर रहे थे, जिसका स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध किया था। इस विरोध से नाराज होकर खनन माफिया से जुड़े लोगों ने गांव के लोगों पर जानलेवा हमला कर दिया था।
हमले के दौरान बसंतीलाल और गिरिराज नामक दो व्यक्तियों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि विक्रम नामक एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई थी और मामला पुलिस तक पहुंचा था।
पुलिस जांच में 13 आरोपियों की पहचान हुई और शुरुआत में 10 आरोपियों को एक साथ गिरफ्तार किया गया, जबकि बाद में बाकी तीन को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद पुलिस ने मामले में विस्तृत चार्जशीट दाखिल की और केस कोर्ट में चला।
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए। कुल 30 गवाहों के बयान दर्ज किए गए और 86 दस्तावेज तथा 13 महत्वपूर्ण वस्तुएं साक्ष्य के रूप में पेश की गईं। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने उपलब्ध सबूतों और गवाहों के आधार पर सभी 13 आरोपियों को दोषी माना।
फैसले के बाद पुलिस ने सभी दोषियों को दोबारा हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है, क्योंकि उनमें से कई जमानत पर बाहर थे। इस मामले ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और उससे जुड़े विवाद किस तरह गंभीर अपराधों और जानलेवा घटनाओं का कारण बन सकते हैं।
कोर्ट के इस फैसले को न्यायिक प्रक्रिया की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिसने छह साल पुराने इस जघन्य अपराध में पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में अहम कदम उठाया है।