बीकानेर जनसुनवाई में मंत्री झाबर सिंह खर्रा का गुस्सा फूटा, बोले–55 साल का अनुभव है, मैं सब समझता हूं

Edited By Anil Jangid, Updated: 04 Jun, 2026 05:24 PM

jhabar singh kharra loses temper during bikaner public hearing complaint row

बीकानेर: बीकानेर में आयोजित जनसुनवाई के दौरान राजस्थान के शहरी विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा का गुस्सा अचानक फूट पड़ा, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बीकानेर के सर्किट हाउस में हुई इस जनसुनवाई में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन...

बीकानेर: बीकानेर में आयोजित जनसुनवाई के दौरान राजस्थान के शहरी विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा का गुस्सा अचानक फूट पड़ा, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बीकानेर के सर्किट हाउस में हुई इस जनसुनवाई में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब एक युवक अपनी शिकायत लेकर मंत्री के सामने पहुंचा।

 

जानकारी के अनुसार, जवाहर नगर निवासी गोपाल किराडू बीकानेर विकास प्राधिकरण में अटकी हुई प्लॉट आवंटन फाइल को लेकर शिकायत लेकर आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि फाइल आगे बढ़ाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा टोकन मनी की मांग की जा रही है। जैसे ही यह मामला मंत्री के सामने रखा गया, उनका रुख सख्त हो गया और उन्होंने युवक से तीखे सवाल पूछने शुरू कर दिए।

 

मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें 55 साल का अनुभव है और वे हर स्थिति को समझते हैं। उन्होंने युवक को यह भी कहा कि यदि इतनी परेशानी थी तो वह जनसुनवाई के समय से पहले या निर्धारित समय पर आते। मंत्री ने यह भी कहा कि जनसुनवाई खत्म होने के बाद हंगामा करना सही नहीं है और ऐसे व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब एक अन्य युवक ने ज्ञापन दिया और बाद में उसे वापस लेने की कोशिश की। इस पर मंत्री और अधिक नाराज हो गए और उन्होंने कहा कि बिना प्रक्रिया के छीना-झपटी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ऐसे ज्ञापनों पर वे ध्यान नहीं देंगे और उन्हें फाड़कर भी फेंका जा सकता है। इस घटनाक्रम के बाद मौके पर मौजूद लोगों में असहजता का माहौल बन गया।

 

बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास ने बीच-बचाव करते हुए स्थिति को शांत करने की कोशिश की और शिकायतकर्ताओं को समझाया। उनके हस्तक्षेप से मामला कुछ हद तक शांत हुआ, लेकिन मंत्री का सख्त रुख पूरे समय चर्चा का विषय बना रहा।

 

यह पूरा घटनाक्रम अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोग मंत्री के सख्त रवैये को अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे जनता के प्रति कठोर व्यवहार के रूप में देख रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस वीडियो को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

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