डीएनटी समाज का जेल भरो आंदोलन, 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 12 May, 2026 02:12 PM

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जैसलमेर में राष्ट्रीय पशुपालक संघ एवं डीएनटी संघर्ष समिति के बैनर तले घुमंतु एवं अर्ध घुमंतु समाज द्वारा सोमवार को विशाल जेल भरो आंदोलन का आयोजन किया गया।

जैसलमेर में राष्ट्रीय पशुपालक संघ एवं डीएनटी संघर्ष समिति के बैनर तले घुमंतु एवं अर्ध घुमंतु समाज द्वारा सोमवार को विशाल जेल भरो आंदोलन का आयोजन किया गया। आंदोलन के तहत बबर मगरा स्थित भवन में जैसलमेर सहित आसपास के जिलों से सैकड़ों की संख्या में पुरुष और महिलाएं एकत्रित हुए। आंदोलन का शुभारंभ डीएनटी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी रायका ने पूजा-अर्चना कर किया।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने डीएनटी समाज की समस्याओं और मांगों को लेकर राज्य सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। इसके बाद शहीद जय सिंह चौराहा से विशाल महारैली एवं जुलूस निकाला गया। रैली शहीद जय सिंह चौराहा से शुरू होकर गड़ीसर चौराहा, एयर फोर्स चौराहा होते हुए सम चौराहा पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 

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इसके बाद रैली जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंची, जहां मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। आंदोलन में प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी कालूराम योगी, रतननाथ कालबेलिया, युवा नेता ओमप्रकाश सहित समाज के कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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    राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी रायका ने बताया कि आंदोलन का मुख्य उद्देश्य डीएनटी समाज की 11 सूत्री मांगों को पूरा करवाना है। उन्होंने कहा कि डीएनटी समाज को अलग से 10 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग प्रमुख है, जिसकी सिफारिश आयोग द्वारा की जा चुकी है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने भी आरक्षण उपवर्गीकरण कर डीएनटी समाज को ए वर्ग में शामिल करने की बात कही है।

    उन्होंने बताया कि समाज की अन्य प्रमुख मांगों में 10 प्रतिशत राजनीतिक भागीदारी, आवास पट्टे, जमीन की व्यवस्था और शिक्षा सुविधाओं का विस्तार शामिल है। वक्ताओं के अनुसार राजस्थान में डीएनटी समाज की जनसंख्या करीब 15 प्रतिशत यानी 1.23 करोड़ है और यह आंदोलन पिछले दो वर्षों से लगातार चल रहा है।

    वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बालराई (पाली) में हुए महा पड़ाव के बाद सरकार ने वार्ता के लिए तीन माह का समय मांगा था, लेकिन पांच महीने बीतने के बावजूद कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। साथ ही आंदोलनकारियों पर मुकदमे दर्ज कर दमनात्मक कार्रवाई की गई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानी तो जयपुर में महा पड़ाव आयोजित किया जाएगा।
     

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