जैसलमेर में 150 करोड़ से अधिक की संदिग्ध जमीन रजिस्ट्रियां जांच के दायरे में, आयकर विभाग ने रिकॉर्ड किए जब्त

Edited By Anil Jangid, Updated: 17 Jul, 2026 02:54 PM

it department seizes land deal records worth over rs 150 crore in jaisalmer

जैसलमेर: राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसलमेर में जमीनों की खरीद-फरोख्त से जुड़े बड़े वित्तीय लेन-देन की जांच तेज हो गई है। आयकर विभाग की इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन (I&CI) विंग ने कार्रवाई करते हुए 150 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के संदिग्ध...

जैसलमेर: राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसलमेर में जमीनों की खरीद-फरोख्त से जुड़े बड़े वित्तीय लेन-देन की जांच तेज हो गई है। आयकर विभाग की इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन (I&CI) विंग ने कार्रवाई करते हुए 150 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के संदिग्ध भूमि सौदों से संबंधित रजिस्ट्री रिकॉर्ड और दस्तावेज अग्रिम जांच के लिए जब्त किए हैं। शुरुआती जांच में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें पैन नंबर दर्ज नहीं था और लाखों रुपये के भुगतान नकद में किए गए थे।

 

जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद आयकर विभाग की विशेष टीम ने जैसलमेर और श्रीगंगानगर के रजिस्ट्रार कार्यालयों में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बड़ी संख्या में जमीन की रजिस्ट्रियों की जांच की गई। कार्रवाई के बाद सीमावर्ती इलाकों में जमीन कारोबार से जुड़े लोगों और संबंधित विभागों में हलचल मच गई है।

 

आयकर विभाग की जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। अधिकारियों ने मंगलवार और बुधवार को हुई जांच के दौरान करीब 170 संदिग्ध रजिस्ट्रियों का विवरण तैयार कर एक्सेल शीट बनाई। इनमें कई महंगी जमीनों की खरीद के दस्तावेजों में खरीदार का पैन नंबर दर्ज नहीं मिला। वहीं, दो लाख रुपये से लेकर 50 लाख रुपये तक के कई सौदों में भुगतान बैंकिंग माध्यमों के बजाय नकद किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। विभाग को आशंका है कि इन लेन-देन में कालेधन का इस्तेमाल हुआ हो सकता है।

 

अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान जब्त किए गए रिकॉर्ड का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा और पूरी रिपोर्ट जयपुर स्थित मुख्यालय भेजी जाएगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। जांच अभियान में सहायक निदेशक लक्ष्मी नारायण मीणा, जिला आयकर अधिकारी महेश कुलहरी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।

 

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2026 के बीच हुई जमीन रजिस्ट्रियों में लगभग 75 करोड़ रुपये के सौदों में विभिन्न प्रकार की गड़बड़ियां पाई गई हैं। विभाग अब प्रत्येक रजिस्ट्री की वित्तीय जानकारी, भुगतान के स्रोत और खरीदार-विक्रेता के दस्तावेजों का मिलान करेगा ताकि संभावित कर चोरी, बेनामी संपत्ति और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का पता लगाया जा सके।

 

बताया जा रहा है कि हाल के वर्षों में जैसलमेर सहित राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में जमीनों की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है। इसी कारण केंद्र सरकार ने सीमा क्षेत्रों में संपत्ति खरीद-बिक्री की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद आयकर विभाग की इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन विंग ने जैसलमेर, श्रीगंगानगर, बीकानेर, बाड़मेर और फलोदी जैसे सीमावर्ती जिलों में विशेष सर्वे अभियान चलाया।

 

सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सीमा क्षेत्रों में अवैध निर्माण, कालेधन और संदिग्ध प्रॉपर्टी लेन-देन की जांच पर जोर दिए जाने के बाद यह अभियान शुरू किया गया। फिलहाल जैसलमेर और श्रीगंगानगर में सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है और विशेष जांच टीमें वापस लौट चुकी हैं। हालांकि विभाग की विस्तृत जांच अभी जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी एवं कर संबंधी कार्रवाई की जा सकती है।

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!