Edited By Sourabh Dubey, Updated: 27 Sep, 2025 09:45 PM

भारत अब अपनी चौथी सैन्य शाखा स्पेस फोर्स की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। अहमदाबाद स्थित ISRO स्पेस एप्लिकेशंस सेंटर (SAC) इस मिशन की तकनीकी नींव रख रहा है। रणनीति के तहत अगले तीन सालों में 52 सैटेलाइट (31 प्राइवेट और 21 इसरो निर्मित) अंतरिक्ष...
अहमदाबाद | अहमदाबाद स्पेस एप्लिकेशंस सेंटर से , जेल, थल और वायु सेना के साथ ही भारत अब स्पेस फोर्स के रूप में चौथे विंग पर तेजी से काम कर रहा है। अहमदाबाद स्थित इसरो में स्पेस एप्लिकेशन सेंटर स्पेस फोर्स के लिए बुनियाद तैयार कर रहा है।
दरअसल, केंद्र सरकार के निर्देशों पर आने वाले चार सालों में 52 सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेज कर स्पेस सुरक्षा को अभेद्य बनाने की रणनीति पर तेजी से काम हो रहा है। इसरो 31 प्राइवेट और 21 इसरो निर्मित सैटेलाइट की तैयारी में जुटा है। इस काम में अहमदाबाद स्थित इसरो का योगदान महत्वपूर्ण है।

अहमदाबाद इसरो में संचार, नेविगेशन, रिमोट सेंसिंग और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में अत्याधुनिक तकनीकों के विकास का काम होता है। जिसमें अंतरिक्ष मिशनों के लिए स्पेस-बॉर्न उपकरणों और पेलोड्स तैयार होते हैं। हाल ही में, SAC ने NASA-ISRO सिंथेटिक एपर्चर रडार (NISAR) उपग्रह के लिए S-बैंड रडार विकसित किया है। जो पृथ्वी की सतह पर छोटे-छोटे परिवर्तनों को मापने में सक्षम है।


अहमदाबाद में स्थित कई निजी कंपनियाँ भी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पूर्व इसरो वैज्ञानिकों द्वारा स्थापित इन स्टार्टअप्स ने हाल ही में बड़ा निवेश प्राप्त किया है, जो भारत की वाणिज्यिक अंतरिक्ष उद्योग में अहमदाबाद की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है ।