गोगामेड़ी हत्याकांड : लॉरेंस बिश्नोई गैंग में कैसे शामिल हुआ शूटर नितिन फौजी

Edited By Afjal Khan, Updated: 11 Dec, 2023 12:57 PM

how shooter nitin fauji joined lawrence bishnoi gang

श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या करने के मुख्य दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है । आरोपियों से पुलिस पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ । पूछताछ में एक शूटर नितिन फौजी ने तो पुलिस के सामने हत्या की बात कबूल...

जयपुर । श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या करने के मुख्य दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है । आरोपियों से पुलिस पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ । पूछताछ में एक शूटर नितिन फौजी ने तो पुलिस के सामने हत्या की बात कबूल कर ली है, इस दौरान नितिन फौजी ने लॉरेंस गैंग के साथ जुड़ने को लेकर और सुखदेव की हत्या को लेकर कई खुलासे किए । उसने बताया कि वो लॉरेंस गैंग से क्यों और कैसे जुड़ा । साथ ही यह भी बताया कि उसने करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या क्यों की । आगे की कहानी पढ़िए ।

दरअसल गोगामेड़ी हत्याकांड में 5 दिन बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है । इसके साथ ही दोनों शूटर्स का भागने में साथ देने वाले आरोपी उधम सिंह को गिरफ्त में ले लिया गया है । आपको बता दें कि शूटर रोहित राठौड़ और नितिन फौजी सुखदेव गोगामेड़ी की हत्या करने के बाद जयपुर से होते हुए डीडवाना-सुजानगढ़-धारूहेड़ा तक पहुंचे । जहां से फिर दोनों शूटर आगे बस से मनाली पहुंच गए । जहां दो दिन रुकने के बाद वापस चंडीगढ़ के सेक्टर-22 आ गए । ऐसे में पुलिस ने सख्ती दिखाई तो मामले में तीसरे साथी के साथ दोनों शूटर्स को दबोच लिया । वहीं पुलिस पूछताछ में नितिन फौजी ने कई खुलासे करते हुए हत्याकांड की पूरी कहानी बताई । 

फौजी को कनाड़ा जाने के लालच के साथ नौकरी जाने का डर 
दरअसल आरोपी नितिन फौजी ने पुलिस पूछताछ में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गैंगस्टर रोहित गोदारा के कहने पर ही सुखदेव की हत्या करने की बात कबूल की । उसने बताया कि नवंबर के अंत में वह रोहित गोदारा और उसके राइट हैंड वीरेंद्र चरण के सहयोगी रोनी राजपूत के संपर्क में आया था । उससे पहले वो उनको नहीं जानता था । साथ ही नितिन ने यह भी स्वीकार करने हुए कहा कि उसकी सुखदेव से कोई दुश्मनी नहीं थी । बस जब वो 9 नवंबर को घर से गाड़ी ठीक करवाने के लिए निकला था तो एक फर्जी चोरी के मामले में फंस गया था । ऐसे में उसके साथियों को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था । लेकिन वह खुद हरियाणा पुलिस पर फायरिंग कर मौके से फरार हो गया था । इसके बाद उसके मन में हमेशा नौकरी जाने का और घरवालों से रिश्ता खत्म होने का डर सताने लगा । 

लॉरेंस गैंग में शामिल होने का नितिन को रोनी ने दिया ऑफर 
ऐसे में नितिन फौजी को जब रोनी ने कनाड़ा भेजने का ऑफर दिया तो वह राजी हो गया । लेकिन रोनी ने एक शर्त रखते हुए कहा कि इसके बदले उसे रोहित गोदारा की मदद करनी होगी । ऐसे नितिन उसकी बातों में आ गया और सुखदेव गोगामेड़ी की हत्या करने के प्लान में शामिल हो गया । उधर, हरियाणा पुलिस के मुताबिक नितिन का इससे पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है । दरअसल 10 नवंबर को महेंद्रगढ़ में नितिन ने कुलदीप राठी और दो अन्य साथियों के साथ मिलकर प्रताप उर्फ गोविंद शर्मा नामक शख्स का अपहरण किया था । इस दौरान आनन फानन में ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी । जिसके बाद गोविंद को अपहरणकर्ताओं से छुड़वा लिया । ऐसे में कुलदीप और उसके दो साथियों को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया लेकिन नितिन उन्हें गच्चा देकर वहां से भाग निकला ।

दो दिन की छुट्टियों पर घर आया हुआ था नितिन फौजी 
आपको बता दें कि नितिन फौजी महेंद्रगढ़ के दौंगड़ा का रहने वाला है । मिली जानकारी के मुताबिक उसने 8 नंवबर को सेना की ड्यूटी से दो दिन की छुट्टी ली थी, लेकिन वो वापस नहीं आया । पुलिस के मुताबिक, वह पांच साल पहले भारतीय सेना में भर्ती हुआ था और वर्तमान में वह अलवर में तैनात है । पिछले महीने की 8 नवंबर को नितिन दो दिन की छुट्टियों पर घर आया हुआ था । जिसके बाद उसने वापस ड्यूटी जॉइन नहीं की । वहीं उसके पिता की माने तो वह सिर्फ एक दिन ही घर में रुका था । दूसरे दिन गाड़ी ठीक करवाने की कहकर घर से निकला था । लेकिन इसके बाद न तो वो घर आया और न ही परिवार वालों से उसकी कोई बात हुई है । फिर 6 दिसंबर को पता चला कि सुखदेव हत्याकांड का एक शूटर कोई और नहीं बल्कि नितिन फौजी ही है । इस खबर को सुनकर उसके परिवार वाले सकते में आ गए । पुलिस ने पड़ोसियों से बात की तो पता चला कि नितिन फौजी के पिता अशोक कुमार भी आर्मी से रिटायर्ड पर्सन हैं । साथ ही उसका भाई भी भारतीय सेना में कार्यरत है । आपको बता दें कि नितिन फौजी की शादी 1 साल पहले ही बहरोड में हुई थी । वहीं घटना के बाद से चिंतित पिता अशोक कुमार किसी से भी बात नहीं कर रहे हैं । 

सीसीटीवी में कैद हुई थी हत्या की वारदात
गौरतलब है कि रोहित राठौड़ और नितिन फौजी ने 5 दिसंबर को सुखदेव गोगामेड़ी की घर में घुसकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था । और वहां से फरार हो गए थे । जिसकी पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई । सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक जिस कपड़ा व्यापारी के साथ वे लोग सुखदेव के घर आए थे । उसको भी आरोपियों ने मौत के घाट उतार दिया था । साथ ही सुखदेव सिंह के गार्ड को भी गोली मारकर घायल कर दिया था । हालांकि पुलिस ने हत्याकांड के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है । 

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