USA से आए कोयले में भारी मिलावट!, प्रदेश की पुलिस का बड़ा खुलासा, करोड़ों का घोटाला उजागर

Edited By Raunak Pareek, Updated: 20 Jul, 2025 04:51 PM

heavy adulteration in coal imported from usa

बताया जा रहा है कि यह गिरोह अमेरिका (USA) से आयातित उच्च गुणवत्ता वाले पेटकोक कोयले में नकली कोयला डस्ट मिलाकर भारी मात्रा में कोयले का अवैध धंधा कर रहें थे।

सिरोही जिले के रोहिड़ा थाना क्षेत्र में कोयले के अवैध व्यापार का भंडाफोड़ हुआ है। ADG क्राइम दिनेश एमएन के निर्देश पऱ राजस्थान पुलिस की सीआईडी क्राइम ब्रांच ने सिरोही के रोहिड़ा थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई कों अंजाम दिया है। बताया जा रहा है कि यह गिरोह अमेरिका (USA) से आयातित उच्च गुणवत्ता वाले पेटकोक कोयले में नकली कोयला डस्ट मिलाकर भारी मात्रा में कोयले का अवैध धंधा कर रहें थे।ADG दिनेश एम.एन के नेतृत्व में इस गिरोह की लंबी निगरानी के बाद बड़ी कार्रवाई की गई। पुलिस ने एक फैक्ट्री से करोड़ों रुपये मूल्य का नकली कोयला, दो ट्रक, लोडर और अन्य सामान जब्त कर लिया। कार्रवाई के बाद सिरोही पुलिस खेमे में हड़कंप मचा हुआ है।गुजरात के कोयला माफिया पिंडवाड़ा-आबूरोड हाईवे स्थित तुलसी होटल के पीछे एक बंद फैक्ट्री को किराए पर लेकर विदेशी कोयले में मिलावट कर रहे थे। ट्रक  ड्राइवरों को मोटी रकम देकर 5-10 टन शुद्ध पेटकोक चोरी करके निकाला जाता था, और उसकी जगह नकली कोयला डस्ट मिलाकर आगे भेजा जाता था। पुलिस ने रोहिडा थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात को कार्रवाई करते हुए मौके से दो ट्रक, एक लोडर, डोजर मशीन और कोयले से भरे ट्रक की सील तोड़ने का सामान जब्त किया। गिरफ्तार आरोपी इरफान पुत्र हारून निवासी गुजरात ने पूछताछ में बताया कि वह 5-7 हजार रुपये प्रति टन के हिसाब से शुद्ध कोयला खरीदकर उसे नकली डस्ट से बदल देता था। इससे गिरोह को रोजाना 1 से 1.5 लाख रुपये तक की अवैध कमाई हो रही थी। यह कोयला स्थानीय औद्योगिक इकाइयों को बेचकर भारी मुनाफा कमाया जा रहा था। कार्रवाई में पुलिस उपाधीक्षक फूलचंद टेलर, निरीक्षक रामसिंह नाथावत, हेड कांस्टेबल रमेश कुमार, ए.एस.आई बनवारीलाल, और कई अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।

सिरोही पुलिस की कार्यशैली पऱ उठे सवाल 

सिरोही के रोहिड़ा थाना क्षेत्र में यह कोयले का काला कारोबार लम्बे समय से चल रहा था, फिर इसकी भनक सिरोही पुलिस कों क्यों नहीं लगी यह सबसे सवाल है? क्या सिरोही पुलिस की आपसी साठगांठ से यह सब चल रहा था.? यदि नहीं तो फिर इसपर सिरोहीका ख़ुफ़िया तंत्र इतना कमजोर कैसे.? यहां से करीब पांच सौ किलोमीटर दूर जयपुर में पुलिस अधिकारीयों कों इसकी भनक लग गई पऱ स्थानीय पुलिस मूक दर्शक होकर यह सब देखती रहीं। अब देखने वाली महत्वपूर्ण बात यह होंगी की पुलिस मुख्यालय इसपर क्या एक्शन लेता है। आखिर यह खेल किसकी पनाह से चल रहा था इसकी जांच पड़ताल भी बेहद आवश्यक है।

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