Edited By Anil Jangid, Updated: 20 Apr, 2026 07:27 PM

सिरोही। राजस्थान में गर्मी का असर तेज हो गया है और राज्य के विभिन्न हिस्सों में लू के थपेड़े महसूस किए जा रहे हैं। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में उष्णलहर का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा गर्मी कोटा में पाई गई, जहां अधिकतम तापमान 42.1...
सिरोही। राजस्थान में गर्मी का असर तेज हो गया है और राज्य के विभिन्न हिस्सों में लू के थपेड़े महसूस किए जा रहे हैं। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में उष्णलहर का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा गर्मी कोटा में पाई गई, जहां अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे लोग गर्मी से बेहाल नजर आए। वहीं पाली में न्यूनतम तापमान 14.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम केन्द्र जयपुर के अनुसार, 24 अप्रैल तक उष्णलहर का प्रभाव रहेगा और इस दौरान तापमान में 1 से 2 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग ने 21 अप्रैल के लिए झुंझुनूं, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़ जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया है।
22 और 23 अप्रैल को भरतपुर, डीग, धौलपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिलों के लिए उष्णलहर का अलर्ट जारी किया गया है। 24 अप्रैल को भरतपुर, डीग, धौलपुर, करौली और खैरथल-तिजारा जिलों में लू का असर रहने का अनुमान है।
इन हालातों को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आमजन को आगाह किया है, विशेषकर बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, बच्चे और बीमार व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रतापगढ़ के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विनोद खांट ने बताया कि जिले में तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंच चुका है और इस स्थिति में शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखना और धूप से बचाव करना अत्यंत आवश्यक है।
अस्पतालों में ओआरएस कॉर्नर स्थापित किए गए हैं और घर-घर सर्वे करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं। 108 एंबुलेंस में गर्मी से बचाव के लिए दवाइयां, आइस पैक और अन्य आवश्यक सामान उपलब्ध कराए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे तरल पदार्थ जैसे पानी, छाछ, नींबू पानी आदि का सेवन करें, हल्के कपड़े पहनें और विशेष रूप से दोपहर में बाहर निकलने से बचें। अगर किसी व्यक्ति को चक्कर आना, बुखार, उल्टी, कमजोरी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखें तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए ले जाएं।