सिरोही में विकसित होगा भव्य चंदन वन, वन मंत्री ने किया निरीक्षण

Edited By Anil Jangid, Updated: 06 May, 2026 03:06 PM

grand sandalwood forest to develop in sirohi rajasthan

सिरोही: राजस्थान के सिरोही जिले में भव्य चंदन वन विकसित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन को धरातल पर उतारने के लिए यह परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मंगलवार को वन मंत्री संजय शर्मा ने पिंडवाड़ा क्षेत्र के...

सिरोही: राजस्थान के सिरोही जिले में भव्य चंदन वन विकसित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन को धरातल पर उतारने के लिए यह परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मंगलवार को वन मंत्री संजय शर्मा ने पिंडवाड़ा क्षेत्र के जानापुर का दौरा कर चंदन वन स्थल का निरीक्षण किया।

 

मंत्री संजय शर्मा ने अधिकारियों के साथ भूमि की गुणवत्ता, सिंचाई के संसाधनों और पौधारोपण की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने सुरक्षा प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। वन मंत्री ने कहा कि चंदन के वृक्ष न केवल पर्यावरण के लिए उपयोगी हैं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। इस परियोजना से राज्य की वन संपदा में भारी वृद्धि होगी।

 

वन विभाग ने पूरे राजस्थान में केवल तीन स्थानों को चंदन वन के लिए चिन्हित किया है, जिसमें सिरोही का जानापुर प्रमुख स्थल है। मंत्री ने बताया कि यह परियोजना प्रदेश में जैव विविधता को नया आयाम देगी और मुख्यमंत्री का लक्ष्य राजस्थान को केवल मरुस्थल नहीं, बल्कि औषधीय और बहुमूल्य वृक्षों का केंद्र बनाना है।

 

चंदन वन के विकसित होने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही यह क्षेत्र पर्यटन के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। स्थानीय ग्रामीण भी इस पहल को लेकर उत्साहित हैं और मानते हैं कि चंदन की खुशबू से पर्यावरण सुधरेगा और उनके गांव की पहचान भी बढ़ेगी।

 

इस अवसर पर पिंडवाड़ा-आबू के लोकप्रिय विधायक समाराम गरासिया और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मंत्री को आश्वस्त किया कि परियोजना के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, और सिंचाई व्यवस्था व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

 

जानापुर में चंदन वन का विकास राजस्थान की हरित क्रांति में एक नया अध्याय जोड़ेगा। यह योजना प्रकृति के अनुकूल होने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी लाभकारी होगी। मुख्यमंत्री के इस प्रयास से सिरोही की पहचान अब विश्व स्तर पर चंदन की खेती और संरक्षण के लिए भी जानी जाएगी।

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