Edited By Anil Jangid, Updated: 11 Apr, 2026 06:21 PM

बाड़मेर। सरहदी शहर बाड़मेर इन दिनों ‘ग्लास गैंग’ के आतंक से जूझ रहा है। शहर के पॉश इलाकों और रिहायशी कॉलोनियों में देर रात गाड़ियों के शीशे तोड़ने की लगातार हो रही घटनाओं ने लोगों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। खासकर जैन मोहल्ला और आसपास के...
बाड़मेर। सरहदी शहर बाड़मेर इन दिनों ‘ग्लास गैंग’ के आतंक से जूझ रहा है। शहर के पॉश इलाकों और रिहायशी कॉलोनियों में देर रात गाड़ियों के शीशे तोड़ने की लगातार हो रही घटनाओं ने लोगों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। खासकर जैन मोहल्ला और आसपास के क्षेत्रों में ऐसी वारदातें तेजी से बढ़ी हैं।
जानकारी के अनुसार, बीती रात अज्ञात बदमाशों ने आधा दर्जन से अधिक गाड़ियों को निशाना बनाते हुए उनके शीशे तोड़ दिए। वारदात का तरीका एक सोची-समझी साजिश की ओर इशारा करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाइक सवार युवक देर रात सुनसान गलियों में आते हैं और घरों के बाहर खड़ी गाड़ियों के कांच पत्थर या भारी वस्तु से तोड़कर फरार हो जाते हैं।
पीड़ित वाहन मालिकों ने बताया कि उन्होंने अपनी गाड़ियां घर के बाहर सुरक्षित समझकर खड़ी की थीं, लेकिन सुबह उठकर देखा तो गाड़ियों के कांच पूरी तरह टूटे हुए थे। इससे न केवल आर्थिक नुकसान हुआ है, बल्कि परिवारों में डर का माहौल भी बन गया है। लोगों का कहना है कि अब रात के समय घर के बाहर कुछ भी सुरक्षित नहीं लग रहा।
शहरवासियों ने इस मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि रिहायशी इलाकों में रात के समय पुलिस गश्त बेहद कमजोर है, जिससे असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। इसके अलावा कई संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों की कमी भी एक बड़ी समस्या बनकर सामने आई है, जिसका फायदा उठाकर बदमाश आसानी से बच निकलते हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह की घटनाओं पर तुरंत रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। उन्होंने रात में पुलिस गश्त बढ़ाने, संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और आरोपियों की पहचान के लिए आसपास के क्षेत्रों में जांच की जा रही है। जल्द ही इस ‘ग्लास गैंग’ का पर्दाफाश करने का दावा भी किया जा रहा है। फिलहाल शहर में बढ़ती इन घटनाओं ने आमजन की सुरक्षा को लेकर चिंता जरूर बढ़ा दी है।