भड़क उठी राजस्थान AAP की महिला नेता Gayatri Bishnoi, कांग्रेस के MLA सुखपाल सिंह खैरा को सुनाई ऐसी खरी-खोटी

Edited By Anil Jangid, Updated: 27 Sep, 2026 07:06 PM

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Gayatri Bishnoi Sukhpal Khaira AAP Congress Row Chandigarh Bungalow Allegations

चंडीगढ़/बाड़मेर। राजस्थान के बाड़मेर से जुड़ी आम आदमी पार्टी की नेता और राजस्थान महिला विंग की अध्यक्ष गायत्री बिश्नोई इन दिनों पंजाब की राजनीति में चर्चा के केंद्र में हैं। कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा की ओर से लगाए गए सरकारी आवास से जुड़े आरोपों के बाद दोनों नेताओं के बीच तीखा विवाद सामने आया है। मामला अब राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर पुलिस शिकायत और महिला आयोग के संज्ञान तक पहुंच गया है।

 

विवाद की शुरुआत कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के उन आरोपों से हुई, जिनमें उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया पर चंडीगढ़ के सेक्टर-39 स्थित एक सरकारी आवास पर कथित तौर पर अनधिकृत कब्जे का आरोप लगाया। खैरा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह भी दावा किया कि उक्त आवास में गायत्री बिश्नोई भी रह रही हैं। हालांकि, ये खैरा द्वारा लगाए गए आरोप हैं और उपलब्ध रिपोर्टों में इनके स्वतंत्र रूप से सत्यापित होने की पुष्टि नहीं हुई है।

 

खैरा के आरोपों के बाद गायत्री बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वह मनीष सिसोदिया के साथ बताए गए आवास में नहीं रह रही हैं। बिश्नोई के मुताबिक, वह अपने माता-पिता के साथ पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के आधिकारिक आवास पर रह रही हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता की तबीयत गंभीर है और उनका चंडीगढ़ में इलाज चल रहा है। बिश्नोई ने इसी आधार पर परिवार के स्वास्थ्य मंत्री के आवास पर रहने की बात कही।

 

गायत्री बिश्नोई ने खैरा के आरोपों को अपने चरित्र पर हमला बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि वह मामले को अदालत तक ले जाएंगी। इसके बाद खैरा ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए बिश्नोई के बयान को लेकर सवाल उठाए और उनके जवाब की भाषा को असंसदीय बताया।

 

इस बीच गायत्री बिश्नोई ने सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ पंजाब पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने महिला की गरिमा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियों का आरोप लगाया है। इस मामले में पंजाब राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष राज लाली गिल ने भी संज्ञान लिया। आयोग की ओर से कहा गया कि किसी महिला के चरित्र को सार्वजनिक रूप से बदनाम करने संबंधी आरोप गंभीर विषय हैं और मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

इस विवाद ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव को भी नया मुद्दा दे दिया है। एक ओर खैरा सरकारी आवास और उसके कथित इस्तेमाल को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं बिश्नोई इन आरोपों को खारिज करते हुए अपने खिलाफ की गई टिप्पणियों पर कानूनी कार्रवाई की बात कह रही हैं।

 

फिलहाल विवाद के दो प्रमुख पहलू हैं—चंडीगढ़ में सरकारी आवास के कथित इस्तेमाल को लेकर लगाए गए आरोप और गायत्री बिश्नोई के खिलाफ की गई व्यक्तिगत टिप्पणियों को लेकर शुरू हुई कानूनी प्रक्रिया। दोनों पक्षों के दावों के बीच अंतिम स्थिति संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी।

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