Edited By Anil Jangid, Updated: 04 Mar, 2026 01:25 PM

सीकर। राजस्थान में आरटीई (राइट टू एजुकेशन) के तहत कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के निशुल्क प्रवेश की प्रक्रिया में सरकारी छुट्टियां बाधक बन गई हैं। 20 फरवरी से शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया की अंतिम तिथि 4 मार्च तय की गई थी, लेकिन 13 दिनों के इस समयावधि...
सीकर। राजस्थान में आरटीई (राइट टू एजुकेशन) के तहत कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के निशुल्क प्रवेश की प्रक्रिया में सरकारी छुट्टियां बाधक बन गई हैं। 20 फरवरी से शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया की अंतिम तिथि 4 मार्च तय की गई थी, लेकिन 13 दिनों के इस समयावधि में 7 दिन सरकारी अवकाश होने के कारण अभिभावक आवश्यक दस्तावेज तैयार नहीं कर पाए।
आरटीई में बच्चों का प्रवेश करवाने के इच्छुक अभिभावकों और निजी शिक्षण संस्थाओं ने शिक्षा विभाग से आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि कम से कम एक सप्ताह की बढ़ोतरी से अभिभावकों को दस्तावेज़ तैयार करने और आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में सुविधा मिलेगी।
इस बार सरकारी छुट्टियां आवेदन प्रक्रिया में बड़ी बाधा बनीं। आवेदन शुरू होने के बाद 21 और 22 फरवरी को साप्ताहिक अवकाश, 27 फरवरी को खाटूश्यामजी मेले का अवकाश, 28 फरवरी और 1 मार्च को साप्ताहिक अवकाश, तथा 2 और 3 मार्च को होली व धुलंडी की छुट्टी पड़ गई। इन अवकाशों के कारण अभिभावक आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र जैसी जरूरी दस्तावेज़ी कार्रवाई नहीं कर पाए।
साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों की खाटूश्यामजी मेले में ड्यूटी लगी होने से दस्तावेज बनाने की प्रक्रिया और धीमी हो गई। इससे आवेदन में देरी और परेशानी बढ़ गई।
निजी स्कूल संचालकों और अभिभावकों का मानना है कि दस्तावेज़ों के अभाव में कई योग्य बच्चे आरटीई में प्रवेश पाने से वंचित हो सकते हैं। इसलिए शिक्षा विभाग को आवेदन तिथि बढ़ाकर सभी बच्चों को समान अवसर देने की आवश्यकता है।
विभाग ने फिलहाल तिथि बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन अभिभावक और स्कूल संचालक इस मांग को लेकर लगातार दबाव बनाए हुए हैं।