Edited By Anil Jangid, Updated: 24 Sep, 2026 04:07 PM

जयपुर सिंचाई पानी के संकट को लेकर अनूपगढ़-घड़साना क्षेत्र में किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार को किसानों ने अपनी घोषणा के अनुसार नेशनल हाईवे-911 पर गांव पतरोड़ा में चक्का जाम कर दिया।
जयपुर: सिंचाई पानी के संकट को लेकर अनूपगढ़-घड़साना क्षेत्र में किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार को किसानों ने अपनी घोषणा के अनुसार नेशनल हाईवे-911 पर गांव पतरोड़ा में चक्का जाम कर दिया। गांव के बस स्टैंड के पास बड़ी संख्या में किसान एकत्र हुए और सड़क पर बैठकर सिंचाई पानी सहित विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों के चक्का जाम के कारण हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ।
घड़साना में खेत बचाओ किसान बचाओ समिति की ओर से आंदोलन जारी है। किसानों ने स्पष्ट किया है कि सिंचाई पानी के रेगुलेशन को लेकर उनकी मांगों पर जब तक स्पष्ट और लिखित आदेश जारी नहीं होते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। किसानों का कहना है कि पानी की कमी का असर केवल किसी एक गांव या क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरे इलाके की कृषि व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
कई जगह किसानों ने किया चक्का जाम
अनूपगढ़ के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी गुरुवार को किसानों ने चक्का जाम किया। लूणियां में सुबह किसानों ने बस स्टैंड के पास सड़क पर बैठकर विरोध जताया। किसानों ने अधिक से अधिक ग्रामीणों से आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया है।
वहीं किसान मजदूर व्यापारी संघर्ष समिति की ओर से अनूपगढ़ एडीएम कार्यालय के सामने धरना भी जारी रहा। समिति की ओर से यह धरना चौथे दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारी किसानों का कहना है कि केवल मौखिक आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा। वे सिंचाई पानी के रेगुलेशन को लेकर लिखित आदेश की मांग कर रहे हैं।
पांच बारी के आश्वासन पर भी नहीं बनी सहमति
आंदोलन के बीच बुधवार को सरकार की ओर से भेजे गए प्रतिनिधिमंडल और किसान नेताओं के बीच वार्ता हुई थी। वार्ता में किसानों को पांच बारी सिंचाई पानी देने का आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई। साथ ही बांधों में पानी की आवक की स्थिति की समीक्षा करने के बाद छठी बारी पर विचार करने की बात कही गई।
हालांकि किसान नेता अपनी आठ बारी पानी की मांग पर कायम हैं। उनका कहना है कि बांधों में उपलब्ध पानी और पहले लागू किए गए रेगुलेशन को देखते हुए किसानों को आठ बारी सिंचाई पानी दिया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर किसानों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।
शाम को जनरल चीफ से वार्ता प्रस्तावित
किसानों के आंदोलन को देखते हुए जयपुर से सिंचाई विभाग के जनरल चीफ को अनूपगढ़ भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। किसान नेताओं के अनुसार गुरुवार शाम करीब 5 बजे अनूपगढ़ एडीएम कार्यालय में जनरल चीफ के साथ वार्ता प्रस्तावित है।
किसानों ने कहा है कि वार्ता में आठ बारी पानी के रेगुलेशन को लेकर लिखित आदेश की मांग प्रमुखता से रखी जाएगी। उनका कहना है कि जब तक लिखित आदेश नहीं मिलते, तब तक धरना और महापड़ाव समाप्त करने का निर्णय नहीं लिया जाएगा।
अधिकारी के स्थानांतरण के बाद भी आंदोलन जारी
किसानों की मांगों और अधिकारियों के रवैये को लेकर चल रहे विरोध के बीच देर रात सिंचाई विभाग के अधिकारी प्रदीप रस्तोगी के हनुमानगढ़ स्थानांतरण की जानकारी भी सामने आई। हालांकि अधिकारी के स्थानांतरण के बावजूद किसानों का आंदोलन जारी है।
आंदोलनकारी किसान सिंचाई पानी के रेगुलेशन के साथ नहरों के जीर्णोद्धार और अधिकारियों की जवाबदेही सहित अन्य मांगों को लेकर भी सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब सभी की नजर शाम को प्रस्तावित वार्ता पर है। किसानों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर लिखित और स्पष्ट निर्णय नहीं होता है तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।