Edited By Anil Jangid, Updated: 06 Mar, 2026 07:24 PM

श्रीगंगानगर। पदमपुर-श्रीगंगानगर स्टेट हाईवे पर स्थित 18 बीबी टोल नाके को हटाने की मांग को लेकर टोल संघर्ष समिति का धरना-प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। गुरुवार को प्रशासन और संघर्ष समिति के बीच हुई वार्ता में सहमति नहीं बन सकी, जिसके बाद...
श्रीगंगानगर। पदमपुर-श्रीगंगानगर स्टेट हाईवे पर स्थित 18 बीबी टोल नाके को हटाने की मांग को लेकर टोल संघर्ष समिति का धरना-प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। गुरुवार को प्रशासन और संघर्ष समिति के बीच हुई वार्ता में सहमति नहीं बन सकी, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने हाईवे पर चक्काजाम कर दिया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि टोल प्लाजा का निर्धारित समय पूरा हो चुका है, लेकिन वसूली जारी है। इसलिए वे टोल नाके को हटाने की मांग कर रहे हैं। इस कार्रवाई से सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई। पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी जाब्ता तैनात किया और वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला।
वार्ता में कोई सहमति न बनने के कारण आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन नहीं मिलता, धरना जारी रहेगा। देर रात तक भी लोग सड़क पर बैठे रहे।
प्रदर्शन को ट्रक यूनियन का भी समर्थन मिला। यूनियन के सदस्य धरनास्थल पर पहुंचकर किसानों और ग्रामीणों के साथ खड़े रहे और टोल नाके को हटाने की मांग का समर्थन किया।
स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी। मौके पर सीओ पुष्पेंद्र सिंह, तहसीलदार जितेंद्र सिंह और पदमपुर थाना प्रभारी सीआई सुमन जयपाल सहित कई अधिकारी मौजूद थे। पुलिस ने कई स्थानों पर नाके लगाकर ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया।
धरनास्थल पर आंदोलनकारियों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई ताकि वे धरने पर लंबे समय तक बने रह सकें। टोल संघर्ष समिति के सदस्य सुखवीर सिंह फौजी और रविंद्र तरखान समेत बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी धरने में शामिल हैं।
प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच दूसरे दौर की वार्ता की उम्मीद जताई जा रही है। किसान और ग्रामीण यह संदेश दे रहे हैं कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है, लेकिन जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, वे टोल नाके पर अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।