Edited By Anil Jangid, Updated: 17 Jul, 2026 02:25 PM

श्रीगंगानगर: राजस्थान में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को चर्चित महादेव ट्रेडिंग मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कई राज्यों के साथ राजस्थान में भी एक साथ छापेमारी की। धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की जा रही इस कार्रवाई का...
श्रीगंगानगर: राजस्थान में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को चर्चित महादेव ट्रेडिंग मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कई राज्यों के साथ राजस्थान में भी एक साथ छापेमारी की। धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की जा रही इस कार्रवाई का नेतृत्व ED के पटना क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा किया जा रहा है। राजस्थान में इस अभियान का मुख्य केंद्र श्रीगंगानगर रहा, जहां कारोबारी और भाजपा नेता अशोक चांडक से जुड़े कई परिसरों पर सुबह से ही जांच जारी है। जयपुर के वैशाली नगर स्थित उनके रिश्तेदारों के ठिकानों पर भी ED की टीमों ने दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच शुरू की।
सूत्रों के अनुसार, राजस्थान में कुल पांच स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। इनमें श्रीगंगानगर में चार और जयपुर में एक स्थान शामिल है। जांच एजेंसी बैंक खातों, डिजिटल डेटा, कंप्यूटर हार्ड ड्राइव, मोबाइल फोन, लैपटॉप और वित्तीय दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। माना जा रहा है कि संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और धन के हस्तांतरण से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग जांच एजेंसी के हाथ लग सकते हैं।
अशोक चांडक का राजनीतिक और कारोबारी दोनों क्षेत्रों में प्रभाव रहा है। वे लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे और वर्ष 2018 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में श्रीगंगानगर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। हालांकि लोकसभा चुनाव 2024 से पहले ED का नोटिस मिलने के कुछ समय बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण कर ली। वर्तमान में वे भाजपा से जुड़े सक्रिय नेता माने जाते हैं।
व्यावसायिक रूप से अशोक चांडक होटल, कृषि और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े हुए हैं। चुनावी हलफनामों के अनुसार, उनके परिवार के पास 50 करोड़ रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्तियां हैं। उनकी पत्नी करुणा चांडक श्रीगंगानगर नगर परिषद की पूर्व सभापति रह चुकी हैं और 2023 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ चुकी हैं। वहीं उनके बेटे राघव चांडक पारिवारिक कारोबार का संचालन करते हैं।
चांडक परिवार पिछले कुछ समय से अन्य कारणों से भी चर्चा में रहा है। वर्ष 2025 में गैंगस्टर रोहित गोदारा गैंग द्वारा कथित तौर पर परिवार से 30 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया था, जिसके बाद परिवार को सुरक्षा भी उपलब्ध कराई गई थी। अब ED की कार्रवाई के बाद एक बार फिर यह परिवार सुर्खियों में है।
बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी महादेव ट्रेडिंग प्रकरण से जुड़े धन के प्रवाह, कथित टैक्स चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। डिजिटल उपकरणों और वित्तीय दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है ताकि संदिग्ध लेन-देन की पूरी श्रृंखला का पता लगाया जा सके।
फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय या स्थानीय प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि तलाशी के दौरान क्या-क्या दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य या अन्य सामग्री बरामद हुई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच एजेंसी की कार्रवाई देर रात तक जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।