Edited By Ishika Jain, Updated: 30 Apr, 2026 04:25 PM

डूंगरपुर में जिला कलेक्टर देशलदान ने हाउसिंग बोर्ड स्थित केवीएसएस के गेहूं खरीद केंद्र और Rajasthan State Warehousing Corporation के गोदाम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अनाज की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था और किसानों को मिल रही सुविधाओं का जायजा...
डूंगरपुर में जिला कलेक्टर देशलदान ने हाउसिंग बोर्ड स्थित केवीएसएस के गेहूं खरीद केंद्र और राजस्थान राज्य वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के गोदाम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अनाज की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था और किसानों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) द्वारा की जा रही गुणवत्ता जांच प्रक्रिया को देखा। साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदे गए गेहूं की स्टॉकिंग और रिकॉर्ड व्यवस्था की भी जांच की।
उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और मध्याह्न भोजन योजना (MDM) के तहत अनाज के उठाव और वितरण प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि पूरी व्यवस्था पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संचालित हो।
निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। साथ ही गोदाम क्षमता बढ़ाने और भूमि आवंटन से जुड़े मामलों को जल्द निपटाने को कहा गया।
कुछ किसानों ने गिरदावरी में शून्य प्रविष्टि की समस्या उठाई, जिस पर कलेक्टर ने राजस्व विभाग को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को MSP का लाभ मिल सके।
कलेक्टर ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और अनाज का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।