Edited By Sourabh Dubey, Updated: 30 Sep, 2026 07:44 PM

शहर और परिधि क्षेत्र में स्वीकृत एवं अनुमोदित कॉलोनियों में भूखंड बेचकर मूलभूत सुविधाओं का विकास अधूरा छोड़ने वाले विकासकर्ताओं पर नगर परिषद ने सख्ती का रुख अपनाया है।
डूंगरपुर। शहर और परिधि क्षेत्र में स्वीकृत एवं अनुमोदित कॉलोनियों में भूखंड बेचकर मूलभूत सुविधाओं का विकास अधूरा छोड़ने वाले विकासकर्ताओं पर नगर परिषद ने सख्ती का रुख अपनाया है। नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि केवल प्लॉट बेच देना विकासकर्ता की जिम्मेदारी पूरी नहीं करता। स्वीकृत कॉलोनी में सड़क, नाली, पेयजल सप्लाई, पार्क सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं का विकास करना भी विकासकर्ता की जिम्मेदारी है।
नगर परिषद सभापति सुशीला गुप्ता ने कहा कि शहर में विकसित हो रही कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान नहीं होना चाहिए। जिन कॉलोनियों में स्वीकृति के अनुसार विकास कार्य पूरे नहीं किए गए हैं, वहां लंबित कार्यों को पूरा करवाने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्लॉट बेचकर जिम्मेदारी से नहीं बच सकेंगे कॉलोनाइजर
नगर परिषद के अनुसार शहर में कुछ ऐसी स्वीकृत कॉलोनियां हैं, जहां विकास कार्य पूरे किए बिना ही भूखंडों का बेचान कर दिया गया। इसके बाद लोगों ने वहां रहना शुरू कर दिया, लेकिन सड़क, नाली, पेयजल और पार्क जैसी जरूरी सुविधाएं अधूरी रह गईं।
नगर परिषद का कहना है कि कॉलोनी की स्वीकृति के समय विकासकर्ता के लिए कुछ शर्तें निर्धारित की जाती हैं। इन शर्तों के तहत आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का विकास करना विकासकर्ता की जिम्मेदारी होती है। केवल भूखंडों का बेचान कर जिम्मेदारी से बचना नियमों के अनुरूप नहीं है।
लंबित काम पूरे करने के दिए जाएंगे निर्देश
नगर परिषद की ओर से ऐसे विकासकर्ताओं को चिन्हित कर कॉलोनियों में लंबित विकास कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए जाएंगे। निर्धारित समय सीमा में काम पूरा नहीं करने पर संबंधित विकासकर्ता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जरूरत पड़ने पर कॉलोनी के कन्वर्जन और संबंधित स्वीकृतियों से जुड़े मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
सड़क, नाली, पानी और पार्क पर फोकस
नगर परिषद का फोकस शहर और परिधि क्षेत्र की स्वीकृत कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने पर है। परिषद का कहना है कि कॉलोनियां केवल कागजों पर विकसित नहीं होनी चाहिए, बल्कि वहां रहने वाले लोगों को सड़क, नाली, पेयजल और पार्क जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होनी चाहिए।
नगर परिषद की इस कार्रवाई से उन कॉलोनियों के रहवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जहां लंबे समय से विकास कार्य अधूरे पड़े हैं।