Edited By LUCKY SHARMA, Updated: 12 Oct, 2026 11:37 AM

सभापति सुशीला गुप्ता की पहल पर नगर परिषद ने शुरू की तैयारी, कैमरों की रिकॉर्डिंग से होगी पहचान और वसूला जाएगा जुर्माना; गंदगी की फोटो भेजने के लिए मोबाइल नंबर 95714 85842 जारी
डूंगरपुर। शहर में खुले में कचरा फेंकने वालों पर अंकुश लगाने के लिए नगर परिषद ने डिजिटल निगरानी की पहल शुरू की है। अब सार्वजनिक स्थानों पर चोरी-छिपे कचरा डालने वालों की पहचान कैमरों की मदद से की जाएगी। सभापति सुशीला गुप्ता के निर्देश पर पहले चरण में शहर के 10 हॉटस्पॉट पर पोर्टेबल और मूवेबल कैमरे लगाने का काम शुरू किया गया है। नगर परिषद के अनुसार, कैमरों की रिकॉर्डिंग के आधार पर नियम तोड़ने वालों की पहचान कर नियमानुसार जुर्माना वसूला जाएगा।
10 हॉटस्पॉट पर कैमरों से निगरानी
नगर परिषद का कहना है कि शहर में घर-घर कचरा संग्रहण वाहन पहुंचने के बावजूद कई लोग सड़कों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा डाल देते हैं। इससे सफाई होने के बाद भी इन जगहों पर दोबारा गंदगी जमा हो जाती है।
इसी समस्या को देखते हुए परिषद ने चिह्नित स्थानों पर कैमरों के जरिए निगरानी की व्यवस्था शुरू की है। योजना के तहत 24 घंटे रिकॉर्डिंग की जाएगी, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान की जा सके। परिषद ऐसे लोगों की तस्वीरें सार्वजनिक करने की तैयारी भी कर रही है।
सभापति बोलीं सुविधा घर तक, फिर सड़क पर कचरा क्यों?
सभापति सुशीला गुप्ता ने कहा कि जब हर घर तक कचरा संग्रहण वाहन पहुंच रहा है, तो खुले में कचरा डालने का कोई औचित्य नहीं है। कुछ लोगों की लापरवाही से पूरे शहर की छवि प्रभावित होती है।
उन्होंने कहा कि कैमरों की रिकॉर्डिंग के आधार पर खुले में कचरा डालने वालों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्ती बढ़ाने और उन्हें नगर परिषद की सुविधाओं से वंचित करने के विकल्प पर भी विचार किया जाएगा।
गंदगी फैलाने वालों की फोटो इस नंबर पर भेजें
नगर परिषद ने स्वच्छता अभियान में आमजन की भागीदारी बढ़ाने के लिए शहरवासियों से सहयोग मांगा है। यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर खुले में कचरा डालता दिखाई दे, तो उसकी फोटो मोबाइल नंबर 95714 85842 पर भेजी जा सकती है।
परिषद के अनुसार, सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। अभियान में सहयोग करने वाले नागरिकों को सम्मानित करने की भी योजना है।
सूखा और गीला कचरा अलग रखने की अपील
सभापति ने नागरिकों से सूखा और गीला कचरा अलग-अलग रखने तथा उसे निर्धारित कचरा संग्रहण वाहन में ही डालने की अपील की। उन्होंने कहा कि शहर को गंदगी और उससे फैलने वाली बीमारियों से मुक्त बनाने के लिए नगर परिषद लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन स्थायी बदलाव के लिए नागरिकों की भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप राजस्थान के शहरों को स्वच्छ बनाने की दिशा में जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ने पर जोर दिया।
स्वच्छता के लिए तकनीक का सहारा
नगर परिषद के अनुसार, डिजिटल निगरानी से खुले में कचरा डालने वालों की पहचान करने और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी रोकने में मदद मिल सकती है। परिषद ने पहले भी खुले में शौच से मुक्ति के लिए कई नवाचार किए थे। अब कैमरों के जरिए निगरानी की पहल का उद्देश्य शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना और नागरिकों में जिम्मेदारी की भावना बढ़ाना है।
नगर परिषद ने शहरवासियों से अपील की है कि वे कचरा केवल निर्धारित संग्रहण वाहन में डालें और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें।