डूंगरपुर में 4,172 आंगनबाड़ी कर्मियों का मानदेय अटका, पांच महीने से भुगतान का इंतजार

Edited By Ishika Jain, Updated: 01 Jul, 2026 04:15 PM

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डूंगरपुर जिले की 4,172 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं का मानदेय महीनों से लंबित है। नई पोर्टल व्यवस्था और तकनीकी दिक्कतों के कारण भुगतान में देरी बताई जा रही है।

डूंगरपुर। जिले की 4,172 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं पिछले कई महीनों से मानदेय का इंतजार कर रही हैं। भुगतान में लगातार हो रही देरी के कारण इन कर्मचारियों के सामने आर्थिक परेशानियां बढ़ गई हैं। जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार के हिस्से का मानदेय पिछले पांच महीने से लंबित है, जबकि राज्य सरकार की ओर से भी दो माह का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है।

विभाग का कहना है कि नई ऑनलाइन भुगतान प्रणाली 'एमएमए स्पर्श पोर्टल' लागू होने के बाद तकनीकी समस्याएं और मैनुअल डेटा एंट्री की प्रक्रिया के कारण भुगतान प्रभावित हुआ है। इसका सीधा असर उन महिलाओं पर पड़ा है जो आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

जिले में 2,140 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित

डूंगरपुर जिले में कुल 2,140 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें 2,091 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 2,081 सहायिकाएं सेवाएं दे रही हैं। ये कर्मी गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छह वर्ष तक के बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य करती हैं।

पांच महीने से केंद्र का, दो महीने से राज्य का भुगतान लंबित

जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार के हिस्से का मानदेय पिछले पांच माह से जारी नहीं हुआ है। वहीं राज्य सरकार के हिस्से का भी दो माह का भुगतान बाकी है। लगातार देरी के चलते हजारों परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है और दैनिक जरूरतों को पूरा करना चुनौती बनता जा रहा है।

आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं पर बढ़ा असर

बताया जा रहा है कि आंगनबाड़ी कर्मियों में बड़ी संख्या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं की है। इनमें विधवा, तलाकशुदा और सीमित आय वाले परिवारों से जुड़ी महिलाएं भी शामिल हैं। ऐसे में समय पर मानदेय नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक और सामाजिक चुनौतियां और बढ़ गई हैं। भुगतान की मांग को लेकर कई बार प्रदर्शन भी किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।

नई पोर्टल व्यवस्था बनी देरी का कारण

विभागीय अधिकारियों के अनुसार पहले भुगतान की प्रक्रिया राज पोषण पोर्टल, पे मैनेजर और एसएम पोर्टल के माध्यम से संचालित होती थी। अब एमएमए स्पर्श पोर्टल लागू होने के बाद परियोजनाओं की मैपिंग, मैनुअल एंट्री और तकनीकी खामियों के कारण भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई है। कई परियोजनाओं का डेटा अभी पूरी तरह अपडेट नहीं हो पाया है, जिससे मानदेय जारी करने में देरी हो रही है।

अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी समस्याओं को दूर करने का कार्य जारी है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद लंबित मानदेय का भुगतान किया जाएगा। हालांकि, जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक हजारों आंगनबाड़ी कर्मियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

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