उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी का जैसलमेर वॉर म्यूज़ियम दौरा, वीर सैनिकों की गाथाओं को किया नमन

Edited By Chandra Prakash, Updated: 31 Aug, 2025 06:25 PM

diya kumari visits jaisalmer war museum

राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी आज स्वर्णनगरी जैसलमेर के प्रसिद्ध वार म्यूज़ियम पहुंचीं। उन्होंने यहां भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान की अमर गाथाओं को सहेज कर रखे गए संग्रह का अवलोकन किया और शहीदों की स्मृति को नमन किया।

जैसलमेर, 31 अगस्त 2025। राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी आज स्वर्णनगरी जैसलमेर के प्रसिद्ध वार म्यूज़ियम पहुंचीं। उन्होंने यहां भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान की अमर गाथाओं को सहेज कर रखे गए संग्रह का अवलोकन किया और शहीदों की स्मृति को नमन किया।

जैसलमेर-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित जैसलमेर वार म्यूज़ियम का निर्माण 1971 के भारत-पाक युद्ध में लोंगेवाला की ऐतिहासिक लड़ाई की याद में किया गया था। यह म्यूज़ियम देश के उन जांबाज़ सैनिकों की अमर यादगार है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।

दिया कुमारी ने संग्रहालय में स्थापित महावीर चक्र से सम्मानित ब्रिगेडियर भवानी सिंह जी के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि "इनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।"

अपने दौरे के दौरान दिया कुमारी ने म्यूज़ियम के दोनों प्रमुख सेक्शन- लोंगेवाला हॉल और इंडियन आर्मी हॉल का अवलोकन किया। उन्होंने 1971 भारत-पाक युद्ध की लोंगेवाला लड़ाई से जुड़ी तस्वीरें, दस्तावेज़ और युद्ध सामग्री देखी और कहा कि इसने भारतीय सेना की वीरता को अमर कर दिया है। वहीं इंडियन आर्मी हॉल में सेना के इतिहास, पराक्रम और परंपराओं से जुड़े दुर्लभ संग्रह का निरीक्षण कर उन्होंने उसकी सराहना की। म्यूज़ियम की शान 108 फीट ऊँचा तिरंगा और श्रद्धांजलि स्थल भी है, जहां वीर सैनिकों के नाम अंकित हैं और हर आगंतुक उन्हें नमन करता है। 

उपमुख्यमंत्री ने ऑडियो-विजुअल रूम जहां भारतीय सेना की डॉक्यूमेंट्री और वेपन डिस्प्ले हॉल में विभिन्न युद्धों में भारतीय सेना द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियार, तोपें, मशीनगन, राइफलें और सैन्य उपकरण देखे। उन्होंने अधिकारियों से बातचीत करते हुए कहा कि इस म्यूज़ियम को और समृद्ध करने तथा पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने और आकर्षक बनाने के लिए संबंधी सुझाव भी साझा किए। 

दिया कुमारी ने कहा कि "जैसलमेर वार म्यूज़ियम केवल एक भवन या संग्रहालय नहीं, बल्कि भारतीय सेना की गाथाओं, साहस और बलिदान का जीवंत प्रतीक है और नई पीढ़ी को सेना की असली ताकत और राष्ट्रभक्ति के जज़्बे से परिचित कराने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।"

इस अवसर पर उन्होंने सेना अधिकारियों से संवाद किया और म्यूज़ियम को पर्यटकों के लिए और आकर्षक बनाने संबंधी सुझाव भी साझा किए।

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