Edited By Ishika Jain, Updated: 20 Jul, 2026 06:50 PM

धौलपुर में निजी स्कूल संचालकों ने शाला संबलन ऐप के जरिए प्रस्तावित जांच प्रक्रिया का विरोध किया। कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर जांच पर रोक लगाने और नियमों की समीक्षा की मांग की।
धौलपुर में निजी स्कूल संचालकों के संगठन 'स्कूल शिक्षा परिवार' ने शाला संबलन ऐप के माध्यम से प्रस्तावित स्कूल निरीक्षण प्रक्रिया का विरोध करते हुए जिला कलेक्टर के जरिए शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने मांग की है कि वर्तमान व्यवस्था पर पुनर्विचार होने तक इस जांच प्रक्रिया को स्थगित किया जाए।
ज्ञापन में संगठन ने कहा कि प्रदेश के हजारों निजी विद्यालयों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं और शिक्षकों व कर्मचारियों को रोजगार मिला हुआ है। उनका कहना है कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी कुछ निरीक्षण संबंधी प्रावधान व्यावहारिक नहीं हैं, जिनके कारण निजी विद्यालयों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
संगठन ने सुझाव दिया कि यदि किसी विद्यालय में किसी प्रकार की कमी पाई जाती है, तो सीधे कार्रवाई करने के बजाय पहले संबंधित संस्था को सुधार का अवसर दिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि संवाद और सहयोग के माध्यम से समस्याओं का बेहतर समाधान संभव है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि निजी विद्यालय छात्र हित और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं तथा स्कूल भवनों और अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों के संबंध में सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन कर रहे हैं।
'स्कूल शिक्षा परिवार' ने शिक्षा विभाग से आग्रह किया है कि शाला संबलन ऐप के माध्यम से होने वाले निरीक्षण को लागू करने से पहले निजी स्कूल संचालकों के साथ विस्तृत चर्चा की जाए और सभी पक्षों की सहमति से व्यवहारिक व्यवस्था तैयार की जाए।
इस अवसर पर जिले के कई निजी विद्यालय संचालक और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे तथा उन्होंने ज्ञापन का समर्थन करते हुए अपने हस्ताक्षर भी किए।