सृजनशीलता के लिए कम्फर्ट जोन से बाहर निकलना जरूरी : प्रो. एन. डी. माथुर

Edited By Sourabh Dubey, Updated: 29 Sep, 2025 05:26 PM

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प्रोफेसर एन. डी. माथुर ने जयपुरिया प्रबंधन संस्थान द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बताया कि सृजनशीलता तथा नवप्रर्वतन के लिये यह आवश्यक है कि छात्र व अध्यापक अपने सुविधा जोन को तोड़े तभी अकाद‌मिक विकास संभव है।

जयपुर। प्रोफेसर एन. डी. माथुर ने जयपुरिया प्रबंधन संस्थान द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बताया कि सृजनशीलता तथा नवप्रर्वतन के लिये यह आवश्यक है कि छात्र व अध्यापक अपने सुविधा जोन को तोड़े तभी अकाद‌मिक विकास संभव है।

विवेकानंद ग्लोबल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर माथुर ने शिक्षण-अधिगम पद्धति विषय पर बोलते हुए अनुभवात्मक शिक्षण फ्लिप्ड क्लासरूम, गमिफिकेशन सिमुलेशन तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे नए आयामों की चर्चा की।

संस्थान के निदेशक प्रोफेसर प्रभात पंकज ने प्रबंध शिक्षा और संस्थानों की चुनौतियों पर उद्घाटन व्याख्यान दिया। अनिल श्रीनिवासन ने शिक्षण-पेडेगोजी के लिये वातवरण जनित पध्दतियों जैसे संगीत, सिल्क उत्पादन, पशु-पक्षियों की भाषा को जोडने की सलाह दी। कार्यक्रम में अकादमिक लीडर्स तथा शिक्षकगण एवं प्रबंध छात्रों ने भाग लिया।

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