वैदिक पंडितों का दीक्षांत समारोह संपन्न, पाठशाला के संस्थापक पंडित बंसीलाल शर्मा ने की अध्यक्षता

Edited By Chandra Prakash, Updated: 06 Sep, 2024 08:08 PM

convocation of vedic pandits concluded

ऋग्वेदी राका वेद पाठशाला बीकानेर में कर्मकांड, ज्योतिष वास्तु एवं पूजन अर्चक प्रशिक्षण का दीक्षांत समारोह गोगागेट बाहर स्थित ऋग्वेदी ब्राह्मण गायत्री मंदिर गोगागेट में लालेश्वर महादेव मठ शिवबाड़ी के अधिष्ठाता स्वामी विमर्शानंद महाराज के सानिध्य में...

बीकानेर, 6 सितंबर 2024 : ऋग्वेदी राका वेद पाठशाला बीकानेर में कर्मकांड, ज्योतिष वास्तु एवं पूजन अर्चक प्रशिक्षण का दीक्षांत समारोह गोगागेट बाहर स्थित ऋग्वेदी ब्राह्मण गायत्री मंदिर गोगागेट में लालेश्वर महादेव मठ शिवबाड़ी के अधिष्ठाता स्वामी विमर्शानंद महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ । मुख्य अतिथि के रूप में बीकानेर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक शर्मा और ज्योतिर्विद पंडित राजेंद्र किराडू शामिल हुए । वहीं दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता पाठशाला के संस्थापक पंडित बंसीलाल शर्मा ने की । 

कार्यक्रम में 2 वर्ष के कर्मकांड ज्योतिष वास्तु एवं पूजक अर्चक प्रशिक्षण के प्रमाण पत्र व उपाधियां का वितरण किया गया। भारतवर्ष के विभिन्न प्रांत महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, अयोध्या व वाराणसी से आए हुए हैं। वैदिक पंडितों को प्रशिक्षण के उपरांत प्रमाण पत्र उपाधि के साथ यज्ञ पूजन का किट वितरण किया गया । कार्यक्रम में वैदिक विद्वानों ने चतुर्वेद का परायण करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। 

मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति वैदिक परंपरा के अनु शरण करने से युवाओं में अपराध बोध होगा तथा सद्मार्ग के लिए बुद्धि प्रेरित होगी, पंडित राजेंद्र किराडू ने कहा कि बीकानेर छोटी काशी कहलाती है, लेकिन आज बड़ी काशी से भी विद्वान लोग इस छोटी काशी में अध्ययन करने के लिए आते हैं, यह हम सबके लिए गर्व की बात है । मुख्य वक्ता स्वामी विमर्श आनंद महाराज ने युवाओं को गुरुकुल पद्धति से ज्ञान प्राप्त कर भारतीय संस्कृति की रक्षा व देश की रक्षा के लिए तैयार करने का कार्य वेद पाठशाला द्वारा अनुकरणीय है तथा बीकानेर में राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार द्वारा प्रमाणित ज्ञान प्राप्त कर संपूर्ण विश्व में सनातन संस्कृति का परचम फहरा रहे हैं, यह युवाओं को धर्म संस्कृति के साथ-साथ रोजगार से भी जोड़ने की विधा है । 

पाठशाला के प्राचार्य शास्त्री पंडित गायत्री प्रसाद शर्मा ने पाठशाला का परिचय देते हुए कहा कि आज तक 500 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित कर स्वरोजगार से जोड़ा गया है तथा 100 से अधिक युवा गुरुकुल में प्रशिक्षित होकर सेवा में धर्म शिक्षक के पद पर देश व धर्म की रक्षा कर रहे हैं। यह एकमात्र बीकानेर संभाग की कर्मकांड ज्योतिष एवं वास्तु शास्त्र के क्षेत्र में केंद्र सरकार व राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त गुरुकुल आश्रम है, जिसमें विद्यार्थियों के आवास व भोजन की नि:शुल्क व्यवस्था संस्थान द्वारा की जाती है । कार्यक्रम में अतिथि पंडित राजेंद्र किराडू ने सभी वैदिक विद्वानों को अपने स्वरचित ग्रंथ यज्ञ प्रतिष्ठा महार्णव नामक 500 पृष्ठ का ग्रंथ सभी वैदिकों को अध्ययन हेतु नि:शुल्क उपलब्ध करवाया गया । वेद पाठशाला की तरफ से यज्ञ के काष्ट पात्र व बैग व पुस्तक उपहार स्वरूप वैदिकों को वितरण की गई। कार्यक्रम का संचालन पाठशाला के उपप्राचार्य शास्त्री पंडित यज्ञ प्रसाद शर्मा ने किया तथा कार्यक्रम में पंडित मोहित बिस्सा,शिव शंकर ओझा,दिलीप शर्मा, सुनील पांडे,विशाल शुक्ला,पंडित वेद प्रकाश शर्मा, रामदेव ओझा, चिरंजीव जोशी,रामदयाल चौधरी, लक्ष्मी नारायण ओझा,जगदीश शर्मा,पंडित कैलाश जाजड़ा, कमलकांत शर्मा, लव कुमार देरासरी सहित आदि अनेक विद्वान उपस्थित थे।
 

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