Edited By Anil Jangid, Updated: 12 Jun, 2026 04:07 PM

अलवर: अलवर जिले के भिवाड़ी और तिजारा विधानसभा क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय राजनीतिक तनाव बढ़ गया जब प्रशासन और नगर विकास न्यास (Urban Improvement Trust) की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में एक बड़े ध्वस्तीकरण अभियान को अंजाम दिया। इस कार्रवाई के तहत...
अलवर: अलवर जिले के भिवाड़ी और तिजारा विधानसभा क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय राजनीतिक तनाव बढ़ गया जब प्रशासन और नगर विकास न्यास (Urban Improvement Trust) की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में एक बड़े ध्वस्तीकरण अभियान को अंजाम दिया। इस कार्रवाई के तहत कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी Imran Khan के परिवार से जुड़ी जमीन पर बने मकान को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया।
सुबह अचानक शुरू हुई इस कार्रवाई से पूरे मेवात क्षेत्र में राजनीतिक हलचल मच गई। मौके पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक पहुंच गए और प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने भारी जाब्ता तैनात किया और विरोध कर रहे लोगों को हटाकर कार्रवाई पूरी कराई।
इमरान खान ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने मेहनत और मजदूरी से यह घर बनाया था और प्रशासन ने बिना उचित प्रक्रिया और समय दिए इसे तोड़ दिया। इमरान खान ने इसे आम नागरिक की छत छीनने जैसा कदम बताया।
घटनास्थल पर उपखंड मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों से बातचीत भी की। परिवार ने दस्तावेज दिखाकर कार्रवाई रोकने की मांग की, लेकिन प्रशासन ने उच्च स्तर के आदेशों का हवाला देते हुए इसे अवैध अतिक्रमण बताया।
इमरान खान ने स्थानीय भाजपा विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से क्षेत्र में सरकार की नीतियों का विरोध करते रहे हैं, इसलिए उनके परिवार को निशाना बनाया गया है।
दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक दबाव में नहीं की गई है, बल्कि सरकारी भूमि और मास्टर प्लान के उल्लंघन के तहत अवैध निर्माण हटाने के अभियान का हिस्सा है। अधिकारियों के अनुसार पहले नोटिस जारी किए गए थे और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया है।
कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए भिवाड़ी, तिजारा, फूलबाग और कोटकासिम सहित कई थानों की पुलिस, Rajasthan Armed Constabulary और क्यूआरटी टीमों को तैनात किया गया था। पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर यातायात रोक दिया गया, जिससे बड़ी झड़प टल गई।
यह मामला अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है, जहां कांग्रेस इसे द्वेषपूर्ण कार्रवाई बता रही है, वहीं प्रशासन इसे अवैध अतिक्रमण हटाने की नियमित प्रक्रिया बता रहा है। मामले को लेकर आगे कानूनी लड़ाई की संभावना जताई जा रही है।