Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 24 Feb, 2026 08:18 PM

महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में चल रहे हाई-इंटेंसिटी कॉम्बैट अभ्यास के दौरान पश्चिमी कमान के टू कोर कमांडर जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए भारतीय सेना की वर्तमान रणनीति, तकनीकी परिवर्तन और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर...
बीकानेर । महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में चल रहे हाई-इंटेंसिटी कॉम्बैट अभ्यास के दौरान पश्चिमी कमान के टू कोर कमांडर जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए भारतीय सेना की वर्तमान रणनीति, तकनीकी परिवर्तन और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना की पश्चिम कमान को “Imposer of National Will” कहा जाता है और इस बार भारत की तैयारियाँ पहले से कहीं अधिक व्यापक और सशक्त हैं।
टू कोर कमांडर ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है और इसके अंतर्गत सेना ने बहु-आयामी क्षमता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के चकलाला बेस, जहां आर्मी हेडक्वार्टर के समीप सामरिक ठिकाने मौजूद हैं, वहां जिस प्रकार ब्रह्मोस मिसाइल ने सटीक प्रहार किया, वह भारतीय सैन्य क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भारत ने मात्र चार दिनों के भीतर पाकिस्तान को रणनीतिक रूप से घुटनों पर ला खड़ा किया, जो भारतीय सेना की तैयारी और सटीकता को दर्शाता है।
रूस-यूक्रेन युद्ध और उससे जुड़ी तकनीकों पर पूछे गए प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय सेना की रणनीति अलग प्रकार की है और भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप तैयार की जाती है। उन्होंने कहा कि इस एक्सरसाइज में आधुनिक युद्ध से जुड़ी तकनीकों, विशेषकर ड्रोन और प्रिसिजन स्ट्राइक सिस्टम पर विशेष रूप से काम किया गया है। काउंटर ड्रोन सिस्टम के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत के पास हर प्रकार का काउंटर अटैक और एंटी-ड्रोन सिस्टम मौजूद है और आधुनिक युद्ध में उभर रही ड्रोन चुनौतियों से निपटने के लिए भारतीय सेना पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिक दुनिया का सबसे माहिर सैनिक है और उसकी क्षमता स्वयं में अनुपम है। इस एक्सरसाइज में एयर पावर, इन्फैंट्री, ड्रोन यूनिट, पैदल सेना, टैंक सहित विभिन्न सैन्य घटकों का समन्वित प्रदर्शन देखने को मिला है और पहली बार किसी एक रेंज में इस स्तर का प्रयास किया गया है।
चीन के युद्ध उपकरणों पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि वे वार टेस्टेड इक्विपमेंट्स नहीं हैं, इसलिए उनकी विश्वसनीयता पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना हर प्रकार के उपकरणों और संसाधनों को तैनात करने में सक्षम है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विषय में उन्होंने कहा कि आज AI भारतीय सेना के हर क्षेत्र में अपना स्थान बना चुका है और इंटेलिजेंस, सर्विलांस, टार्गेटिंग तथा लॉजिस्टिक्स में इसका सकारात्मक उपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह अभ्यास आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति के अनुरूप भारतीय सेना की तैयारी और बहु-डोमेन क्षमता को दर्शाता है तथा राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।