Edited By Anil Jangid, Updated: 27 Feb, 2026 04:46 PM

सीकर। फाल्गुनी एकादशी के अवसर पर खाटू धाम में बाबा खाटूश्यामजी की रथ यात्रा ने श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा पेश किया। इस बार बाबा 125 किलो चांदी से बने भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकले। यह परंपरा पिछले 350 वर्षों से चली आ रही है और हर...
सीकर। फाल्गुनी एकादशी के अवसर पर खाटू धाम में बाबा खाटूश्यामजी की रथ यात्रा ने श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा पेश किया। इस बार बाबा 125 किलो चांदी से बने भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकले। यह परंपरा पिछले 350 वर्षों से चली आ रही है और हर साल हजारों श्रद्धालु इसमें भाग लेते हैं। रथ यात्रा का आयोजन श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह का कारण बनता है, जिसमें रथ से चॉकलेट और फल वितरित किए जाते हैं, और भक्त बाबा के रथ को खींचने के लिए होड़ करते हैं।
मंदिर प्रशासन ने इस वर्ष रथ यात्रा के दौरान शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। विशेष रूप से धक्का-मुक्की से बचने की सख्त हिदायत दी गई है। इसके अलावा, 3 मार्च को चंद्रग्रहण के कारण खाटू मंदिर में दर्शन बंद रहेंगे। 5 मार्च को बाबा खाटूश्यामजी का तिलक और विशेष पूजा कार्यक्रम होगा, जिसके बाद शाम 5 बजे से पुनः दर्शन शुरू होंगे।
यह भव्य रथ पिछले साल नोखा (बीकानेर) में डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया था। रथ का निर्माण लगभग एक महीने में हुआ और इसमें करीब आठ मजदूरों ने काम किया। दानदाता का नाम गोपनीय रखा गया है। खाटू धाम में रथ यात्रा और भक्तों की आस्था का यह आयोजन हर साल भक्ति और उल्लास का माहौल उत्पन्न करता है।