Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 29 Apr, 2026 04:05 PM

राजस्थान के मावली क्षेत्र में एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां व्यक्तिगत दुख ने समाज सेवा का रूप ले लिया। ‘श्री प्रेम सांई सेवा संस्थान’ आज जरूरतमंदों के लिए उम्मीद और सहारे का प्रतीक बन चुका है।
राजस्थान के मावली क्षेत्र में एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां व्यक्तिगत दुख ने समाज सेवा का रूप ले लिया। ‘श्री प्रेम सांई सेवा संस्थान’ आज जरूरतमंदों के लिए उम्मीद और सहारे का प्रतीक बन चुका है। संस्थान की स्थापना मदन माहेश्वरी ने अपनी पत्नी स्वर्गीय प्रेमलता माहेश्वरी की स्मृति में की। वर्ष 2016 में पत्नी के कैंसर से निधन के बाद उन्होंने समाज के लिए कुछ करने का संकल्प लिया और अप्रैल 2023 में इस संस्था की शुरुआत की।
संस्थान गरीब और जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क व्हीलचेयर, फोल्डिंग पलंग और ऑक्सीजन सिलेंडर जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराता है। इसके अलावा संस्था द्वारा वस्त्रदान, परिंडे वितरण, पशुओं के लिए प्याऊ और अन्य सामाजिक सेवाएं भी लगातार संचालित की जा रही हैं। संस्था ने समाज के कमजोर वर्गों के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। जरूरतमंद बच्चों को स्वेटर और कंबल वितरण के साथ-साथ गरीब विद्यार्थियों के लिए नि:शुल्क पुस्तकालय भी शुरू किया गया है, जिससे शिक्षा को बढ़ावा मिल रहा है।
इसके साथ ही संस्था ने पूरे जिले में “जूठा अन्न नहीं छोड़ने” का जागरूकता अभियान भी चलाया है, जिसमें अब तक 5000 से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। संस्थान के उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर उपखंड प्रशासन द्वारा सम्मानित भी किया गया। यह सम्मान संस्था के निरंतर सामाजिक योगदान और सेवा भावना का प्रतीक है।
‘श्री प्रेम सांई सेवा संस्थान’ आज इस बात का उदाहरण है कि अगर संकल्प मजबूत हो, तो व्यक्तिगत दर्द भी समाज के लिए उम्मीद की किरण बन सकता है।