राहुल गांधी के बाद अब कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग को घेरा !

Edited By Chandra Prakash, Updated: 09 Aug, 2025 04:09 PM

after rahul abhishek manu singhvi surrounded the election commission

राज्यसभा सांसद CWC सदस्य, और कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी आज जोधपुर प्रवास पर रहे इस प्रवास के दौरान उन्होंने जोधपुर के सर्किट हाउस में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि राहुल गांधी के द्वारा उठाए गए सवालों पर देश की सबसे बड़ी संस्था चुनाव...

जोधपुर, 9 अगस्त 2025 । राज्यसभा सांसद CWC सदस्य, और कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी आज जोधपुर प्रवास पर रहे इस प्रवास के दौरान उन्होंने जोधपुर के सर्किट हाउस में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि राहुल गांधी के द्वारा उठाए गए सवालों पर देश की सबसे बड़ी संस्था चुनाव आयोग हालपनामा पेश करने की बात कर रही है जो हास्य पद नजर आती है । उन्होंने कहा कि संसद के संसदीय क्षेत्र की जहां एक या दो असेंबली में अगर ऐसा करें तो संसदीय सीट का पूरा परिणाम बदल जाता है  प्रतिपक्ष नेता कंप्लेंट द्वारा संविधान के सबसे बड़े संरक्षित जो है चुनाव के बारे में चुनाव आयोग को लिखते हैं और मैं समझता हूं होना यह चाहिए  इसमें गंभीर मुद्दे उठाए गए हैं अब इसको जांच करके एक हफ्ते बाद 10 दिन बाद आपको जवाब देंगे ।  लेकिन पहले रिएक्शन यह होता है । लेकिन  ऐसा रिएक्शन आना तो दूर की बात उल्टा राहुल गांधी पर ही आक्रमण शुरू कर दिया जो कि गलत है ‌। भारत की संवैधानिक संस्था है और  संवैधानिक संस्था को राहुल गांधी के द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सही से जवाब देना चाहिए था ।

वहीं उन्होंने कहा कि अगर कोई गलतियां हैं तो उसकी जांच करके उसको निरस्त किया जा सकता है लेकिन कोई सही से जवाब देना चाहिए । वहीं दूसरा मुद्दा उन्होंने बताते हुए कहा कि कोई कानून वेद हो या अवैध हो उसकी कानूनी व्यवस्था और अवैधता होती है उससे यह पता चलता है कि यह सही है सर गर्वित है परिपक्व है यह सारी चीज कानून के प्रावधान के तहत होता है । 

हर बार सरकार यही कहती है कि यह तो नेहरू जी लेकर आए यह उनकी हॉबी है हर चीज में नेहरू जी को डाल देते हैं करने की जल्दी क्या हुई साथी उन्होंने कहा कि हम एस आई आर के विरुद्ध नहीं है ‌। हम यह कहते हैं कि जून के लास्ट में S I R करने की जल्दी क्या हुई इसी एस ए आर को 2003 में किया था तब 2 साल थे संसद के चुनाव में और असेंबली के चुनाव में एक साल था आप इसे दिसंबर के बाद भी कर सकते थे इस दो ढाई महीने की सीमा में करके आप करोड़ों लोगों को हटाने की बात कर रहे हैं आज की बिना किसी दस्तावेज़ के और खुद चुनाव आयोग ने माना है कि 65 लाख लोग हट गए हैं । हमेशा वृद्धि होती है लेकिन इस बार मतदाता सूचियां में  घटत हुई है ।

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