Edited By Anil Jangid, Updated: 22 Jul, 2026 02:33 PM

उदयपुर। NEET री-परीक्षा के बाद देशभर के हजारों विद्यार्थियों के बीच तनाव और अनिश्चितता का माहौल देखने को मिला। ऐसे समय में उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत ने युवाओं का हौसला बढ़ाने के लिए एक प्रेरणादायक पहल की।
उदयपुर। NEET री-परीक्षा के बाद देशभर के हजारों विद्यार्थियों के बीच तनाव और अनिश्चितता का माहौल देखने को मिला। ऐसे समय में उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत ने युवाओं का हौसला बढ़ाने के लिए एक प्रेरणादायक पहल की। उन्होंने प्रसिद्ध गीत "रूक जाना नहीं तू कहीं हार के..." के माध्यम से विद्यार्थियों को सकारात्मक संदेश देते हुए कठिन परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास बनाए रखने की अपील की।
सांसद मन्नालाल रावत ने कहा कि जीवन में चुनौतियां हर किसी के सामने आती हैं, लेकिन सफलता उसी को मिलती है जो धैर्य, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि किसी एक परीक्षा या परिस्थिति से निराश होने की आवश्यकता नहीं है। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर जारी रहें, तो सफलता अवश्य मिलती है।
उन्होंने अपने संदेश में यह भी कहा कि परीक्षा केवल ज्ञान की नहीं, बल्कि धैर्य और मानसिक मजबूती की भी परीक्षा होती है। ऐसे में विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच बनाए रखनी चाहिए और किसी भी असफलता या कठिनाई को अपने भविष्य की राह में बाधा नहीं बनने देना चाहिए। उनका कहना था कि निरंतर मेहनत और दृढ़ संकल्प ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
मन्नालाल रावत ने युवाओं को प्रेरित करते हुए प्रसिद्ध गीत "रूक जाना नहीं तू कहीं हार के..." की पंक्तियों का उल्लेख किया, जिसने लंबे समय से संघर्ष कर रहे लोगों को प्रेरणा देने का काम किया है। उनके इस संदेश को विद्यार्थियों ने भी सकारात्मक रूप से लिया और सोशल मीडिया पर इसकी व्यापक चर्चा देखने को मिली।
NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा की री-परीक्षा देने वाले कई विद्यार्थी मानसिक दबाव और चिंता से गुजर रहे थे। ऐसे समय में जनप्रतिनिधि द्वारा दिया गया यह प्रेरक संदेश उनके लिए भावनात्मक संबल साबित हुआ। विद्यार्थियों और अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों द्वारा ऐसे सकारात्मक संदेश युवाओं में नया आत्मविश्वास पैदा करते हैं।
शिक्षा विशेषज्ञ भी मानते हैं कि प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों का मनोबल बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। केवल शैक्षणिक तैयारी ही नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच भी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में प्रेरणादायक संदेश विद्यार्थियों को तनाव से बाहर निकलने और अपने लक्ष्य पर दोबारा पूरी ऊर्जा के साथ ध्यान केंद्रित करने में मदद करते हैं।
सांसद मन्नालाल रावत का यह संदेश केवल NEET अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा बना जो किसी भी प्रतियोगी परीक्षा, करियर या जीवन की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उनका संदेश यही था कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, संघर्ष का रास्ता नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि निरंतर प्रयास करने वालों को ही अंततः सफलता प्राप्त होती है।