राजकीय विद्यालयों में प्रवेशोत्सव का आगाज, शिक्षक घर-घर जाकर करेंगे नामांकन

Edited By Anil Jangid, Updated: 29 Mar, 2026 06:33 PM

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राजसमंद। राजस्थान में सरकारी विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों के नामांकन में वृद्धि लाने के लिए इस बार एक नया कदम उठाया गया है। शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 के लिए प्रवेशोत्सव अभियान की शुरुआत की है, जिसे 27 मार्च से लेकर 11 जुलाई...

राजसमंद। राजस्थान में सरकारी विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों के नामांकन में वृद्धि लाने के लिए इस बार एक नया कदम उठाया गया है। शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 के लिए प्रवेशोत्सव अभियान की शुरुआत की है, जिसे 27 मार्च से लेकर 11 जुलाई तक दो चरणों में संचालित किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ना और उनकी शिक्षा की शुरुआत सुनिश्चित करना है।

 

इस कार्यक्रम का पहला चरण 27 मार्च से 2 मई तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 4 मई से 11 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान शिक्षकों को विशेष रूप से उन बच्चों का चिन्हीकरण करना होगा, जो स्कूल से बाहर हैं, जैसे अनामांकित, ड्रॉपआउट, प्रवासी श्रमिकों के बच्चे और बाल-श्रम से मुक्त कराए गए बच्चे। इन बच्चों को स्कूल में नामांकित किया जाएगा।

 

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    सत्र 2026-27 के प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में हाउसहोल्ड सर्वे के माध्यम से बच्चों का नामांकन किया जाएगा। शिक्षक समुदाय, अभिभावकों, और पूर्व विद्यार्थियों से सहयोग प्राप्त कर एक व्यक्ति-एक प्रवेश अभियान चलाया जाएगा, ताकि किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित न रहने दिया जाए। इस अभियान के अंतर्गत 5-6 साल के बच्चों का कक्षा 1 में प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा, और इसके लिए अस्थायी प्रवेश और प्रमाण पत्र भी जारी किए जाएंगे।

     

    कार्यक्रम में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत तिलक और माला से किया जाएगा, ताकि बच्चों में अपनत्व और उत्साह का भाव उत्पन्न हो। इसके अलावा, पूरे अभियान की निगरानी डिजिटल रूप से की जाएगी। शालादर्पण ऐप के माध्यम से हाउसहोल्ड सर्वे की जानकारी एकत्र की जाएगी और रिपोर्टिंग भी नियमित रूप से की जाएगी।

     

    इस प्रवेशोत्सव के तहत विशेष ध्यान उन बच्चों पर दिया जाएगा, जो घुमंतू, अर्द्धघुमंतू या विमुक्त जातियों से संबंधित हैं, ताकि उनके नामांकन में कोई कमी न हो। शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य यह है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और शिक्षा के प्रति समाज का हर वर्ग जागरूक हो।

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