पांचना बांध जल विवाद को लेकर प्रशासन सक्रिय, समाधान के लिए उच्चस्तरीय बैठकें तेज

Edited By Anil Jangid, Updated: 18 Jun, 2026 01:38 PM

administrative efforts intensify to resolve panchna dam water dispute

सवाईमाधोपुर : राजस्थान में पांचना बांध जल विवाद लगातार गहराता जा रहा है, जिससे भरतपुर, सवाईमाधोपुर और करौली जिलों के किसानों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार के निर्देश पर जल बंटवारे और नहरों में सिंचाई पानी छोड़े...

सवाईमाधोपुर : राजस्थान में पांचना बांध जल विवाद लगातार गहराता जा रहा है, जिससे भरतपुर, सवाईमाधोपुर और करौली जिलों के किसानों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार के निर्देश पर जल बंटवारे और नहरों में सिंचाई पानी छोड़े जाने से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए उच्चस्तरीय प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

 

इसी क्रम में भरतपुर संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सवाईमाधोपुर जिला कलेक्टर कानाराम, करौली जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा, सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में पांचना बांध के जल प्रबंधन, कमांड क्षेत्र एवं कैचमेंट क्षेत्र के हितों तथा वर्तमान परिस्थितियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

 

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    संभागीय आयुक्त ने बताया कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस विवाद का शांतिपूर्ण और सर्वसम्मत समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए जल्द ही संभागीय आयुक्त कार्यालय, भरतपुर में किसान प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें दोनों जिलों के किसान प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा।

     

    सवाईमाधोपुर जिला कलेक्टर कानाराम ने भी पुष्टि की कि इस बैठक का उद्देश्य सभी पक्षों को एक मंच पर लाकर संवाद के माध्यम से समाधान निकालना है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे निर्धारित समय पर बैठक में शामिल होकर अपनी बात रखें, ताकि एक स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।

     

    बैठक में उन 39 गांवों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई, जिनके लिए राज्य सरकार की ओर से बजट घोषणाएं पहले ही की जा चुकी हैं। साथ ही उन किसानों की मांगों पर भी विचार हुआ, जो लंबे समय से नहरों में सिंचाई पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि पर्याप्त पानी नहीं मिलने से खेती प्रभावित हो रही है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

     

    इस बीच किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। किसान महापंचायत का धरना लगातार 12वें दिन भी जारी है और आसपास के गांवों से समर्थन लगातार बढ़ रहा है।

     

    हाल ही में किसानों ने खण्डीप रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन कर रेल यातायात को भी प्रभावित किया था, जिससे अवध एक्सप्रेस को बीच रास्ते में रोकना पड़ा। इस बढ़ते आंदोलन और जनदबाव के बीच अब राज्य सरकार के लिए इस जल विवाद का जल्द और प्रभावी समाधान निकालना आवश्यक हो गया है।

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