रींझवास में 108 बीघा चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, प्रशासन का बुलडोजर चला

Edited By Anil Jangid, Updated: 30 Apr, 2026 06:20 PM

action to remove encroachment on 108 bigha grazing land in rinjhwas

करौली | करौली जिले के हिंडौन सिटी उपखंड के सूरोठ तहसील के रींझवास गांव में प्रशासन ने 108 बीघा चारागाह गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए बड़ी कार्रवाई की। यह कदम गोचर मुक्त संघर्ष समिति रींझवास द्वारा जिला कलेक्टर को ज्ञापन देने के बाद उठाया गया,...

करौली | करौली जिले के हिंडौन सिटी उपखंड के सूरोठ तहसील के रींझवास गांव में प्रशासन ने 108 बीघा चारागाह गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए बड़ी कार्रवाई की। यह कदम गोचर मुक्त संघर्ष समिति रींझवास द्वारा जिला कलेक्टर को ज्ञापन देने के बाद उठाया गया, जिसमें चारागाह भूमि का सीमांकन कराने की मांग की गई थी।

 

समाजसेवी भूरा गुर्जर की शिकायत पर प्रशासन सक्रिय हुआ और उन्होंने पूरी चारागाह भूमि का सीमांकन करने के निर्देश दिए। साथ ही, भूमि के संरक्षण और विकास के उद्देश्य से इसे ग्राम पंचायत बाईजट्ट को सौंपने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई।

 

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    इस कार्रवाई की अगुवाई उप तहसील शेरपुर के नायब तहसीलदार हरिशंकर शर्मा के नेतृत्व में राजस्व टीम ने की। प्रशासन ने जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल करते हुए अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को तेज़ी से पूरा किया।

     

    इस दौरान सूरोठ तहसीलदार संजीव धाकड़, ग्राम विकास अधिकारी प्रवेश पाठक, पटवारी श्यामसिंह सौलंकी, राजीव जाटव, रघुनाथ, गिरदावर लक्ष्मी नारायण, रामकेश भगौड़, अमित डागुर समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।

     

    कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल को भी तैनात किया गया था। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर इसे संरक्षित किया जाएगा, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को भविष्य में इस भूमि का सही उपयोग मिल सके।

     

    यह कार्रवाई इस बात का प्रतीक है कि प्रशासन अब ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेकर उन्हें समाधान देने के लिए प्रतिबद्ध है। चारागाह भूमि की सुरक्षा से न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि स्थानीय समुदाय के लिए यह भूमि बेहतर उपयोग के लिए उपलब्ध होगी।

     

    प्रशासन का यह कदम ग्रामीणों में उम्मीद की किरण बनकर उभरा है, क्योंकि इससे भूमि के सही इस्तेमाल को लेकर एक नई दिशा मिलेगी।

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