Edited By Anil Jangid, Updated: 03 Jun, 2026 03:23 PM

पाली: बाली तहसील के लाटाड़ा गांव में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने पटवारी विक्रम धीर को 8 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। मामले की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और ढोल बजाकर अपनी खुशी जाहिर की। ग्रामीणों के अनुसार, पटवारी बिना...
पाली: बाली तहसील के लाटाड़ा गांव में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने पटवारी विक्रम धीर को 8 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। मामले की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और ढोल बजाकर अपनी खुशी जाहिर की। ग्रामीणों के अनुसार, पटवारी बिना घूस लिए कोई सरकारी काम नहीं करता था।
एसीबी में दर्ज परिवाद के अनुसार, लाटाड़ा में भूमि सीमांकन के लिए पटवारी विक्रम धीर ने परिवादी से भूमि का नामांतरण और विभाजन करने के एवज में कुल 11 हजार रुपए की मांग की थी। इसके पहले ही 5 हजार रुपए उसने ले लिए थे। इसके अतिरिक्त परिवादी की मां के नाम सीमांकन के लिए 2 हजार और पूर्व कार्यों के एवज में 6 हजार रुपए की मांग की जा रही थी। कुल मिलाकर 8 हजार रुपए की रिश्वत लेने के लिए परिवादी को लगातार परेशान किया जा रहा था।
एसीबी ने जाल बिछाकर सोमवार को पटवारी को 8 हजार रुपए लेते हुए पकड़ लिया। इसके बाद ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने ढोल बजाकर इस कार्रवाई का स्वागत किया।
अब आरोपी पटवारी विक्रम से पूछताछ जारी है। एसीबी की संभावना है कि पटवारी के अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी कर और खुलासे कर सकती है। उसके कार्यालय और संबंधित दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है।
बताया जा रहा है कि इससे पहले करौली जिले में एसीबी ने नादौती के एसडीएम काजल मीणा को 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई में उनके रीडर दिनेश सैनी और यूडीसी प्रवीण धाकड़ को भी पकड़ा गया था। टीम ने आरोपियों के पास से 4 लाख रुपए की संदिग्ध नकदी भी बरामद की थी।
इस पूरे ऑपरेशन को एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता और एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के निर्देश पर तथा डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह की निगरानी में अंजाम दिया गया। जांच अभी जारी है और उम्मीद है कि अन्य संभावित खुलासे भी सामने आएंगे।