Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 28 Feb, 2026 07:12 PM

राजस्थान सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए प्रदेश के 37,696 सरकारी स्कूलों को उनकी जमीन का कानूनी हक देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
भरतपुर | राजस्थान सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए प्रदेश के 37,696 सरकारी स्कूलों को उनकी जमीन का कानूनी हक देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वर्षों से बिना पट्टे के संचालित हो रहे इन स्कूलों को अब विधिवत भूमि पट्टा जारी किया जाएगा। मुख्य सचिव ने 23 फरवरी 2026 को सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी कर विशेष अभियान चलाने को कहा है। इस फैसले को शिक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल होंगे लाभान्वित
सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस अभियान से: 27,720 प्राथमिक विद्यालय 9,976 माध्यमिक विद्यालय को सीधा लाभ मिलेगा।
अब तक पट्टा नहीं होने के कारण कई स्कूल विभिन्न सरकारी योजनाओं और बजट स्वीकृतियों से वंचित रह जाते थे। भूमि पर अतिक्रमण का खतरा भी बना रहता था। पट्टा मिलने के बाद नए भवन, अतिरिक्त कक्षाएं, खेल मैदान और अन्य विकास कार्य आसानी से कराए जा सकेंगे।
मिशन मोड में चलेगा अभियान
सरकार ने सभी जिलों में मिशन मोड पर काम करने के निर्देश दिए हैं, ताकि जल्द से जल्द स्कूलों को पट्टे वितरित किए जा सकें। अधिकारियों के अनुसार यह कदम न केवल जमीन को सुरक्षित करेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को स्थायित्व और मजबूती भी देगा।
इस पहल को सुशासन और प्रशासनिक सुधार का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
शिक्षा में आएगी नई मजबूती
भूमि का कानूनी अधिकार मिलने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के स्कूलों में विकास कार्यों को गति मिलेगी। बच्चों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी और शिक्षा का वातावरण अधिक सुरक्षित व व्यवस्थित होगा। सरकार का लक्ष्य है कि हर सरकारी स्कूल को उसकी जमीन का पूरा अधिकार मिले, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की कानूनी या प्रशासनिक बाधा सामने न आए।