Edited By Anil Jangid, Updated: 24 Mar, 2026 04:43 PM

सवाईमाधोपुर: सवाईमाधोपुर जिले में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण गैस और कच्चे तेल की आपूर्ति में कमी आई है। इस संकट के चलते घरेलू गैस सिलेंडरों की किल्लत बढ़ गई है, और सरकार ने एहतियातन 26 दिन का नियम लागू किया है, जिसके तहत गैस...
सवाईमाधोपुर: सवाईमाधोपुर जिले में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण गैस और कच्चे तेल की आपूर्ति में कमी आई है। इस संकट के चलते घरेलू गैस सिलेंडरों की किल्लत बढ़ गई है, और सरकार ने एहतियातन 26 दिन का नियम लागू किया है, जिसके तहत गैस सिलेंडर 26 दिनों के भीतर ही नए नहीं दिए जा रहे। हालांकि ईरान ने हार्मुज स्टेट के समुद्री मार्ग से भारतीय जहाजों को निकलने की अनुमति दे दी है, लेकिन स्थिति अभी भी सामान्य नहीं हुई है।
इस नई गाइडलाइन से सबसे अधिक परेशानी उन परिवारों को हो रही है, जिनमें 8 से 10 सदस्य हैं। ऐसे बड़े परिवारों के लिए गैस सिलेंडर 26 दिन से पहले ही खत्म हो जाता है, और अब नई नियमावली के कारण वे नए सिलेंडर की आपूर्ति के लिए और अधिक समय तक इंतजार करने को मजबूर हैं। इससे बड़े परिवारों के लिए खाना पकाने की समस्या गंभीर हो गई है।
वहीं, होटल और ढाबा संचालकों पर भी गैस की कमी का असर पड़ रहा है। पर्याप्त आपूर्ति न होने के कारण कई होटल और ढाबा संचालक अब चूल्हे और सिगड़ी का उपयोग करने लगे हैं। इस वैकल्पिक व्यवस्था ने उनकी लागत और श्रम दोनों को बढ़ा दिया है, और साथ ही खाद्य उत्पादन की गति भी धीमी हो गई है।
स्थानीय लोग इस समस्या को लेकर सरकार से गैस वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि छोटे परिवारों के लिए यह नियम कोई बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन बड़े परिवारों और व्यापारिक उपयोगकर्ताओं के लिए यह बेहद कठिनाईपूर्ण है। लोगों ने यह भी सुझाव दिया है कि गैस सिलेंडर वितरण प्रणाली को लचीला बनाना चाहिए, ताकि विशेष रूप से बड़े परिवारों को गैस सिलेंडर समय पर मिल सकें।
सवाईमाधोपुर के लोग इस संकट से जूझते हुए महंगे दामों पर कोयला खरीदने को मजबूर हो रहे हैं, क्योंकि अब गैस सिलेंडर के विकल्प के रूप में कोयला ही एकमात्र समाधान बनकर उभरा है।