Edited By Anil Jangid, Updated: 25 Feb, 2026 04:01 PM

प्रतापगढ़: प्रतापगढ़ में बीकानेर जिले की एक थाना क्षेत्र में आठवीं कक्षा की नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना के विरोध में व्यापक आक्रोश देखने को मिला। इस मामले को लेकर जिला सेन समाज ने प्रतापगढ़ मिनी सचिवालय के सामने प्रदर्शन किया...
प्रतापगढ़: प्रतापगढ़ में बीकानेर जिले की एक थाना क्षेत्र में आठवीं कक्षा की नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना के विरोध में व्यापक आक्रोश देखने को मिला। इस मामले को लेकर जिला सेन समाज ने प्रतापगढ़ मिनी सचिवालय के सामने प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि बालिका 21 फरवरी को परीक्षा देने घर से निकली थी, लेकिन वह लापता हो गई। बाद में उसका शव रोही क्षेत्र में अर्धनग्न अवस्था में मिलने से पूरे जिले में सनसनी फैल गई। इस घटना ने समाज में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
घटना के विरोध में बज्जू क्षेत्र में पिछले दो दिनों से धरना-प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारियों ने न्याय की मांग करते हुए सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और फास्ट ट्रैक कोर्ट में त्वरित सुनवाई की मांग की है। साथ ही पीड़ित परिवार के लिए सरकारी नौकरी और डेयरी बूथ की व्यवस्था, तथा एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की गई है।
प्रदर्शनकारी इस बात पर भी जोर दे रहे हैं कि यदि जिला प्रशासन और पुलिस उचित कार्रवाई नहीं करती है, तो आंदोलन और भी बड़े स्तर पर होगा। ज्ञापन में पुलिस व्यवस्था मजबूत करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की मांग भी की गई है।
प्रतापगढ़ के नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना को केवल बीकानेर का मामला नहीं, बल्कि पूरे राज्य में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा की गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि न्याय की प्रक्रिया में देरी और दोषियों की गिरफ्तारी में विलंब समाज में कानून व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा कर सकता है।
जिला प्रशासन ने फिलहाल मामले को गंभीरता से लिया है और जांच तेज करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस विभाग ने भी आश्वासन दिया है कि आरोपियों की शीघ्र पहचान और गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
इस घटना ने राज्य में नाबालिगों और महिलाओं की सुरक्षा, न्याय तंत्र की कार्यप्रणाली और पुलिस तंत्र की मजबूती पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। समाज के लोग अब यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि भविष्य में इस तरह की गंभीर घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएँ।