Edited By Anil Jangid, Updated: 23 Feb, 2026 02:25 PM

प्रतापगढ़ : नगर परिषद क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिला कलेक्टर डॉ. अंजलि राजोरिया के निर्देश पर अब नगर परिषद क्षेत्र की सभी सरकारी और निजी भूमि पर सीमांकन बोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस पहल का...
प्रतापगढ़ : नगर परिषद क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिला कलेक्टर डॉ. अंजलि राजोरिया के निर्देश पर अब नगर परिषद क्षेत्र की सभी सरकारी और निजी भूमि पर सीमांकन बोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भूमि की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करना और अवैध कब्जे से बचाव करना है।
निर्देशों के अनुसार नगर परिषद के स्वीकृत मास्टर जोनल प्लान और राजस्व अभिलेखों के आधार पर हर जमीन पर मौके पर सीमांकन बोर्ड लगाए जाएंगे। इससे भूमि की वास्तविक स्थिति आमजन और प्रशासन दोनों के लिए स्पष्ट होगी, जिससे भविष्य में भूमि विवादों की संभावना भी कम होगी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि नगर परिषद की स्थायी संपत्तियों, खांचा भूमि, नाला परिधि क्षेत्र और अन्य सरकारी जमीनों पर यदि कोई अवैध कब्जा पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अतिक्रमण हटाने और भूमि को पुनः कब्जे में लेने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
नगर परिषद प्रशासन ने कहा कि यह कदम शहरी विकास और संपत्ति सुरक्षा के लिए आवश्यक है। सीमांकन बोर्ड लगने के बाद आमजन को भूमि की सही स्थिति का पता चलेगा और किसी भी प्रकार के विवाद या गलतफहमी से बचा जा सकेगा।
साथ ही, अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अतिक्रमण करने वाले व्यक्तियों या समूहों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माना और भूमि खाली करवाना शामिल है।
इस पहल से न केवल प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत होगा, बल्कि नगर परिषद क्षेत्र में शहरी विकास को व्यवस्थित करने में भी मदद मिलेगी। भविष्य में इस कदम से नागरिकों को भूमि से संबंधित स्पष्ट जानकारी और सुरक्षा मिलेगी, साथ ही शहर में अतिक्रमण की घटनाओं में कमी आएगी।
प्रतापगढ़ प्रशासन का यह कदम अतिक्रमण रोकने और शहरी योजना को सुचारु रूप से लागू करने के लिए एक महत्वपूर्ण और ठोस प्रयास माना जा रहा है।