मासूम की मौत पर हाईवे जाम पड़ा भारी, प्रतापगढ़ में पथराव व झड़प मामले में 69 लोगों पर मुकदमा

Edited By Anil Jangid, Updated: 10 Feb, 2026 06:33 PM

pratapgarh case filed against 69 people for blocking national highway child deat

प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ जिले के लालगंज क्षेत्र में मासूम बच्चे की मौत के बाद नेशनल हाईवे जाम कर कानून व्यवस्था बाधित करने के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। सड़क जाम, पथराव, पुलिस से मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने कुल...

प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ जिले के लालगंज क्षेत्र में मासूम बच्चे की मौत के बाद नेशनल हाईवे जाम कर कानून व्यवस्था बाधित करने के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। सड़क जाम, पथराव, पुलिस से मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने कुल 69 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इनमें 9 लोग नामजद हैं, जबकि 50 से 60 अज्ञात महिला-पुरुष शामिल बताए गए हैं।

 

यह घटना 9 फरवरी की सुबह करीब 9:50 बजे की है। ग्राम भदारी कला और आसपास के गांवों के लोग संगम चौराहे पर जौनपुर–रायबरेली राष्ट्रीय राजमार्ग पर जमा हो गए और हाईवे जाम कर दिया। यह आक्रोश 13 जनवरी को चांदीपुर भदारी कला में हुई सड़क दुर्घटना में घायल 9 वर्षीय देव सरोज की इलाज के दौरान 9 फरवरी को हुई मौत के बाद भड़का।

 

सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक राजेश कुमार यादव कांस्टेबल राहुल सोलंकी के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई थीं। पुलिस ने समझाइश कर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ और उग्र हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों से बहस शुरू कर दी और हालात बिगड़ने लगे।

 

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए थाने से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। मौके पर कई उपनिरीक्षक, हेड कांस्टेबल, महिला कांस्टेबल सहित भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचा। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी महिला-पुरुषों ने गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और पुलिसकर्मियों से मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि भीड़ ने जाम में फंसे वाहनों पर डंडों और ईंट-पत्थरों से पथराव किया, जिससे अफरा-तफरी मच गई।

 

हाईवे पर फंसे स्कूल वाहनों में बैठे बच्चे रोने लगे। भय के माहौल में राहगीर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे और दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। इसके बाद प्रदर्शनकारी मृतक बच्चे के शव को लेकर थाना लालगंज की ओर बढ़े और इंद्रा चौक के पास दोबारा जाम लगाने का प्रयास किया।

 

पुलिस की सख्ती के बाद शव को थाना गेट के पास पीपल के चबूतरे पर रखा गया। काफी मशक्कत के बाद पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए प्रतापगढ़ मर्चरी भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस निगरानी में गांव में अंतिम संस्कार कराया गया।

 

पुलिस ने इस मामले में अरुण वर्मा, संदीप पाल, बृजेश, सर्वेश पाल, हरिकेश विश्वकर्मा, शिव दुलारे यादव, आशा देवी, शोभा देवी और गुड्डी सहित 9 नामजद और 50–60 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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