Edited By Raunak Pareek, Updated: 28 Oct, 2025 08:31 PM

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन विवाद बढ़ा, एडहॉक कमेटी के चार सदस्यों ने कन्वीनर पर वित्तीय अनियमितता और गलत चयन के आरोप लगाए, सरकार ने जांच के आदेश दिए।
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में जारी विवाद अब सरकार के दरवाजे तक पहुंच गया है। खिलाड़ियों के गलत चयन और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बीच अब राज्य सरकार ने पूरे मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। खेल विभाग के शासन सचिव नीरज कुमार पवन ने बताया कि एडहॉक कमेटी के चार सदस्यों पिंकेश जैन, मोहित यादव, आशीष तिवारी और धनंजय सिंह खींवसर ने खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और सहकारिता विभाग को लिखित शिकायत सौंपी थी।
इन सदस्यों ने RCA एडहॉक कमेटी के कन्वीनर दीनदयाल कुमावत पर मनमानी, खिलाड़ियों के गलत चयन, होटल बुकिंग और किट बैग खरीद में अनियमितताओं जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। सदस्यों का कहना है कि कन्वीनर ने समिति के फैसले एकतरफा लिए और बाकी सदस्यों की राय को दरकिनार किया। शिकायत मिलने के बाद खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। राजस्थान खेल परिषद के सचिव सुनील भाटी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें 7 दिनों में रिपोर्ट तैयार कर खेल मंत्री को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
कन्वीनर का पलटवार — “यह सब मुझे डराने की कोशिश है”
RCA एडहॉक कमेटी के कन्वीनर दीनदयाल कुमावत ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा, “मैंने खेल परिषद के 9 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार को उजागर किया था। अब वही लोग मुझे डराने और बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।”
कुमावत ने आरोप लगाया कि यह पूरा विवाद IPL आयोजन से जुड़ा है। उनका कहना है कि कुछ अधिकारी चाहते हैं कि IPL की जिम्मेदारी फिर से खेल परिषद को मिले। उन्होंने दावा किया कि पिछले साल लीग के नाम पर करोड़ों रुपए का घोटाला हुआ था, जिसमें खुद नीरज कुमार पवन की भूमिका संदिग्ध रही है।
RCA में बढ़ती खींचतान और अंदरूनी राजनीति
बीते एक महीने से RCA में लगातार विवाद बढ़ता जा रहा है। पांच सदस्यीय एडहॉक कमेटी के चार सदस्य कन्वीनर के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल चुके हैं। इस खींचतान का असर राज्य की क्रिकेट गतिविधियों, खिलाड़ियों के चयन और टूर्नामेंट के संचालन पर भी पड़ रहा है।
हाल ही में RCA ने सीनियर सिलेक्शन कमेटी को भंग कर नई कमेटी का गठन किया था। वहीं, दीवाली स्नेह मिलन कार्यक्रम को लेकर भी आंतरिक मतभेद सामने आए हैं। अब सरकार की ओर से गठित जांच समिति पिछले कुछ महीनों में हुए सभी वित्तीय और प्रशासनिक निर्णयों की समीक्षा करेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद RCA के अंदर उठे इस विवाद पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।