Edited By Anil Jangid, Updated: 23 Feb, 2026 01:54 PM

नागौर: नागौर जिले में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं और चोर अब बेखौफ होकर पुलिस क्वार्टर तक निशाना बनाने लगे हैं। जिले के विभिन्न हिस्सों में मकानों, मंदिरों और दुकानों में चोरी की घटनाएं हो रही हैं। पुलिस के बार-बार ‘जल्द खुलासा’ के दावे के...
नागौर: नागौर जिले में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं और चोर अब बेखौफ होकर पुलिस क्वार्टर तक निशाना बनाने लगे हैं। जिले के विभिन्न हिस्सों में मकानों, मंदिरों और दुकानों में चोरी की घटनाएं हो रही हैं। पुलिस के बार-बार ‘जल्द खुलासा’ के दावे के बावजूद गिरोहों पर पकड़ कमजोर नजर आ रही है, जिससे आमजन में डर व्याप्त है।
बीते दिनों जिले में हुई कुछ बड़ी चोरी की घटनाएं इस प्रकार हैं:
16-17 फरवरी 2026, मूण्डवा भगवान वैंकटेशमंदिर: लगभग 20 किलो चांदी के बर्तन व सामग्री चोरी, अनुमानित कीमत 50 लाख रुपए। दो संदिग्ध सीसीटीवी में कैद, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई।
16-17 फरवरी 2026, नागौर पुलिस लाइन: पांच-छह सरकारी क्वार्टरों के ताले तोड़े गए। मामला महिला कांस्टेबल शारदा ने दर्ज कराया।
12 फरवरी 2026, डेगाना चांदारुण श्याम बाबा मंदिर: ढाई किलो से अधिक चांदी के मुकुट, छत्र और अन्य सामान चोरी।
23 जुलाई 2025, जिंदास गांव: तीन घरों में सेंधमारी, करीब 75 लाख रुपए के जेवर व नकदी चोरी।
12 सितंबर 2024, रावों की ढाणी, मूण्डवा: भंवरलाल जाट के मकान से लगभग 40 लाख के गहने चोरी।
24 नवम्बर 2025, नागौर पुलिस लाइन: महिला कांस्टेबल मुन्नी के क्वार्टर से सोने के गहने चोरी।
लगातार हुई इन घटनाओं से चोर गिरोहों के हौसले बढ़े हैं। मंदिरों और पुलिस क्वार्टर को निशाना बनाना धार्मिक भावनाओं और पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। जानकारों का कहना है कि रात्रि गश्त बढ़ाने, तकनीकी निगरानी मजबूत करने और संगठित गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।
नागौर शहर में अभय कमांड योजना के तहत लगभग दस साल पहले 200 से अधिक कैमरे लगाए गए थे। लेकिन सूत्रों के अनुसार कई कैमरे बंद हैं और ठीक नहीं किए जा रहे हैं।
पुलिस अब मूण्डवा मंदिर और पुलिस लाइन में हुई चोरी की घटनाओं का खुलासा करने के लिए टीमें लगा चुकी है। साथ ही, पुलिस लाइन में पुनरावृत्ति रोकने के लिए 30 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। जिले में सुरक्षा बढ़ाने और अपराधियों को पकड़ने के प्रयास लगातार जारी हैं, लेकिन जनता में अभी भी चिंता बनी हुई है।