कोटा में फिर मौत का मांझा: चाइनीज मांझे से 4 साल के मासूम की गई जान, अस्पताल पर लापरवाही के आरोप

Edited By Anil Jangid, Updated: 15 Jan, 2026 07:50 PM

deadly chinese kite string claims life of 4 year old child in kota

कोटा। कोटा शहर में प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझा एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। नयापुरा थाना क्षेत्र में पतंग के चाइनीज मांझे की चपेट में आने से 4 वर्षीय मासूम धीर की दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद न सिर्फ परिवार में कोहराम मच गया,...

कोटा। कोटा शहर में प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझा एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। नयापुरा थाना क्षेत्र में पतंग के चाइनीज मांझे की चपेट में आने से 4 वर्षीय मासूम धीर की दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद न सिर्फ परिवार में कोहराम मच गया, बल्कि प्रशासन और पुलिस की सख्ती पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

गले में फंसा मांझा, पल भर में बदली खुशियां

जानकारी के अनुसार, कुन्हाड़ी निवासी हेमंत अपनी पत्नी और बेटे धीर के साथ नयापुरा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सड़क पर उड़ती किसी पतंग का चाइनीज मांझा अचानक धीर के गले में फंस गया। मांझा खिंचते ही मासूम के गले में गहरा घाव हो गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

घटना के तुरंत बाद परिजन धीर को एमबीएस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसकी हालत नाजुक देखते हुए ऑपरेशन किया गया। प्रारंभिक उपचार के बाद बच्चे की हालत स्थिर बताई जा रही थी, लेकिन कुछ ही समय बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया।

पिता ने लगाया अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

मासूम की मौत के बाद पिता हेमंत ने अस्पताल के चिकित्सकों और स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। पिता का कहना है कि ऑपरेशन के बाद बच्चा ठीक था और डॉक्टरों ने तीन दिन बाद उसे घर ले जाने की बात भी कही थी। लेकिन रात के समय ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने बच्चे की हालत पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते उसकी जान चली गई।

पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई है।

पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से

पुलिस ने शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया है ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिर उठे चाइनीज मांझे पर सवाल

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि चाइनीज मांझा सिर्फ पतंगबाजी का साधन नहीं, बल्कि मौत का फंदा बन चुका है। प्रतिबंध के बावजूद इसकी खुलेआम बिक्री और उपयोग प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। इससे पहले भी कोटा और प्रदेश के अन्य जिलों में चाइनीज मांझे से कई लोगों की जान जा चुकी है।

परिवार में मातम, शहर में आक्रोश

मासूम की मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, इलाके में लोगों में आक्रोश है और वे चाइनीज मांझे की बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।

यह हादसा न केवल एक परिवार की खुशियां छीन ले गया, बल्कि समाज और प्रशासन के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि अगर समय रहते सख्ती नहीं की गई, तो ऐसे हादसे बार-बार होते रहेंगे।

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!