कार्यालय के गेट में फंसा 7 फीट लंबा अजगर, कर्मचारियों में मचा हड़कंप; सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा गया!

Edited By Payal Choudhary, Updated: 10 Feb, 2026 02:48 PM

7 feet python stuck in office gate rescued in rajasthan

राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड के कार्यालय में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सुबह कर्मचारियों को दफ्तर पहुंचते ही एक अजगर दिखाई दिया। यह अजगर कार्यालय के मेन गेट के ऊपर चैनल गेट में फंसा हुआ था। जैसे ही कर्मचारियों की नजर उस पर पड़ी, पूरे...

राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड के कार्यालय में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सुबह कर्मचारियों को दफ्तर पहुंचते ही एक अजगर दिखाई दिया। यह अजगर कार्यालय के मेन गेट के ऊपर चैनल गेट में फंसा हुआ था। जैसे ही कर्मचारियों की नजर उस पर पड़ी, पूरे कार्यालय परिसर में डर और हड़कंप का माहौल बन गया।

घटना उस वक्त सामने आई, जब कार्यालय के कर्मचारी देवेंद्र सैनी रोज की तरह दफ्तर पहुंचे और मेन गेट खोलने लगे। गेट खोलते समय उनकी नजर ऊपर की तरफ गई, जहां चैनल गेट में एक विशाल अजगर फंसा हुआ दिखाई दिया। अजगर को देखते ही कर्मचारी घबरा गए और तुरंत अन्य कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी गई। कुछ ही पलों में यह खबर पूरे कार्यालय में फैल गई, जिसके बाद सभी कर्मचारी सुरक्षित दूरी बनाकर बाहर निकल आए।

अजगर की सूचना मिलते ही स्नेक कैचर को बुलाया गया। मौके पर पहुंचे स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने स्थिति का जायजा लिया और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। गोविंद शर्मा ने बताया कि यह अजगर करीब 7 फीट लंबा था और संभवतः शिकार की तलाश में कार्यालय परिसर तक पहुंच गया था। चैनल गेट से अंदर घुसने की कोशिश के दौरान वह उसी में फंस गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन आसान नहीं था। अजगर काफी भारी और ताकतवर था, जिससे उसे सुरक्षित तरीके से निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्नेक कैचर ने पूरी सावधानी के साथ विशेष उपकरणों की मदद से अजगर को गेट से बाहर निकाला। इस दौरान कार्यालय के कर्मचारी और आसपास मौजूद लोग सांसें थामे पूरे ऑपरेशन को देखते रहे।

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    करीब काफी देर की मेहनत के बाद अजगर को सुरक्षित रूप से काबू में कर लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में कोई भी कर्मचारी घायल नहीं हुआ और न ही अजगर को किसी तरह की चोट पहुंची। रेस्क्यू के बाद अजगर को एक सुरक्षित स्थान पर ले जाकर जंगल में छोड़ दिया गया, ताकि वह अपने प्राकृतिक वातावरण में लौट सके।

    घटना के बाद कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। कई कर्मचारियों का कहना था कि उन्होंने पहली बार इतनी नजदीक से इतना बड़ा अजगर देखा है, जिससे वे काफी डर गए थे। वहीं कुछ कर्मचारियों ने स्नेक कैचर की सूझबूझ और साहस की सराहना की, जिनकी वजह से बड़ा हादसा टल गया।

    स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने बताया कि गर्मी और शिकार की तलाश में इस तरह के सांप रिहायशी और कार्यालय क्षेत्रों में निकल आते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी सांप या अन्य वन्य जीव दिखाई दे, तो घबराने के बजाय तुरंत विशेषज्ञों या वन विभाग को सूचना दें और खुद रेस्क्यू करने की कोशिश न करें।

    फिलहाल, कार्यालय परिसर में स्थिति सामान्य है और कर्मचारी दोबारा अपने काम में जुट गए हैं। यह घटना एक बार फिर बताती है कि शहरी इलाकों में भी वन्य जीवों की मौजूदगी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और सतर्कता बेहद जरूरी है।

     

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