Edited By Anil Jangid, Updated: 24 Feb, 2026 02:47 PM

करौली: राजस्थान के करौली जिला मुख्यालय पर सोमवार को एससी-एसटी, ओबीसी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले यूजीसी एक्ट के समर्थन में रैली निकाली गई। रैली में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लेते हुए नए यूजीसी एक्ट को शीघ्र लागू करने की मांग उठाई।
करौली: राजस्थान के करौली जिला मुख्यालय पर सोमवार को एससी-एसटी, ओबीसी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले यूजीसी एक्ट के समर्थन में रैली निकाली गई। रैली में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लेते हुए नए यूजीसी एक्ट को शीघ्र लागू करने की मांग उठाई।
रैली की शुरुआत अंबेडकर पार्क से हुई, जहां पहले एक सभा का आयोजन किया गया। सभा में वक्ताओं ने यूजीसी के प्रावधानों का समर्थन करते हुए सरकार से इसे जल्द लागू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति, धर्म, भाषा और जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिन्हें रोकने के लिए यूजीसी नियमों को सख्ती से लागू किया जाना आवश्यक है।
सभा के बाद रैली अंबेडकर पार्क से रवाना होकर गणेश गेट, हटवाड़ा बाजार, फूटाकोट, सदर बाजार और वजीरपुर दरवाजा जैसे प्रमुख मार्गों से होती हुई कलक्ट्रेट पहुंची। रैली में शामिल लोग हाथों में झंडे और बैनर लिए नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे थे। प्रदर्शन के दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों का पुलिस जाब्ता तैनात रहा, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
रैली के समापन पर संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि यूजीसी एक्ट को शीघ्र प्रभाव से लागू किया जाए ताकि उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता और न्याय सुनिश्चित हो सके।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष भानूप्रताप सिंह गुर्जर, डॉ. के.एल. मीना, उदयसिंह, जमुनालाल जाटव, रामगिलास, छीतरमल प्रजापत, शिवसिंह और हंसराज मीना सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यूजीसी एक्ट के माध्यम से शैक्षणिक संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। उन्होंने एकजुटता का आह्वान करते हुए कहा कि जब तक एक्ट लागू नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।