RTE Admission 2026: आवेदन की तारीख बढ़ी, अब 10 मार्च तक कर सकेंगे अप्लाई; फर्जी दस्तावेज देने पर लगेगा भारी जुर्माना

Edited By Payal Choudhary, Updated: 05 Mar, 2026 04:17 PM

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शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर है। शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 मार्च कर दी है। पहले आवेदन की अंतिम तिथि इससे पहले तय की गई थी,...

शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर है। शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 मार्च कर दी है। पहले आवेदन की अंतिम तिथि इससे पहले तय की गई थी, लेकिन तकनीकी दिक्कतों और दस्तावेजों की कमी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

हालांकि इस बार सरकार ने प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नियमों को काफी सख्त कर दिया है। फर्जी आय प्रमाण पत्र या गलत दस्तावेज देकर प्रवेश लेने की कोशिश करने वाले अभिभावकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित अभिभावकों से स्कूल की निर्धारित फीस की दोगुनी राशि जुर्माने के रूप में वसूली जाएगी

पारदर्शिता के लिए सख्त किए नियम

शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 के लिए जारी नई गाइडलाइन में पारदर्शिता और पात्रता की सख्त जांच पर विशेष जोर दिया है। विभाग के अनुसार पिछले वर्षों में कई शिकायतें सामने आई थीं कि कुछ संपन्न परिवार भी कम आय का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर अपने बच्चों का प्रवेश करवा लेते थे।

इससे वास्तविक रूप से गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को योजना का लाभ नहीं मिल पाता था। इसी समस्या को देखते हुए इस बार आवेदन प्रक्रिया में कई नए नियम लागू किए गए हैं।

पैन कार्ड से होगी आय की जांच

नई व्यवस्था के तहत अब आवेदन प्रक्रिया में पैन कार्ड नंबर देना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे शिक्षा विभाग अभिभावकों की वास्तविक आय का क्रॉस-चेक कर सकेगा।

यदि कोई अभिभावक अपनी आय छिपाने या गलत जानकारी देने की कोशिश करता है, तो विभाग डिजिटल माध्यम से उसकी जांच कर सकेगा। इससे फर्जी आय प्रमाण पत्र के मामलों पर काफी हद तक रोक लगने की उम्मीद है।

गलत जानकारी देने पर होगी कार्रवाई

शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि यदि किसी अभिभावक ने गलत आय प्रमाण पत्र, फर्जी पता या झूठे दस्तावेज देकर अपने बच्चे का प्रवेश करवाने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

ऐसे मामलों में संबंधित अभिभावक पर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ स्कूल की निर्धारित फीस की दोगुनी राशि जुर्माने के रूप में वसूली जा सकती है। कुछ मामलों में यह जुर्माना स्कूल की दो साल की फीस के बराबर भी हो सकता है

छुट्टियों के कारण बढ़ाई गई अंतिम तिथि

RTE के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 20 फरवरी से शुरू हुई थी। लेकिन आवेदन के शुरुआती 13 दिनों में से लगभग 7 दिन सरकारी छुट्टियां होने के कारण कई अभिभावक जरूरी दस्तावेज समय पर तैयार नहीं कर पाए।

होली के त्योहार, साप्ताहिक अवकाश और अन्य छुट्टियों के चलते कई अभिभावकों को जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र बनवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

इसी कारण शिक्षा विभाग ने अभिभावकों को राहत देते हुए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 मार्च कर दी है, ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्र परिवार आवेदन कर सकें।

12 मार्च को निकलेगी लॉटरी

नए शेड्यूल के अनुसार RTE के तहत प्रवेश के लिए 12 मार्च को ऑनलाइन लॉटरी निकाली जाएगी। इसी लॉटरी के माध्यम से छात्रों को विभिन्न निजी स्कूलों में सीटें आवंटित की जाएंगी।

आवेदन प्रक्रिया के दौरान अभिभावक अपने बच्चों के लिए अधिकतम 5 स्कूलों की प्राथमिकता भर सकते हैं। लॉटरी प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से की जाएगी।

आय सीमा भी तय

RTE के तहत नि:शुल्क प्रवेश का लाभ केवल उन्हीं परिवारों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय 2.50 लाख रुपए से कम है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू की गई है।

हर साल आती थीं शिकायतें

जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार हर साल आय, पते और वार्ड से संबंधित सैकड़ों शिकायतें सामने आती थीं। कई मामलों में जांच के दौरान यह पाया गया कि कुछ अभिभावकों ने गलत दस्तावेजों के आधार पर प्रवेश प्राप्त किया था।

नई गाइडलाइन लागू होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि फर्जीवाड़े पर काफी हद तक रोक लगेगी और योजना का लाभ वास्तव में पात्र बच्चों तक पहुंचेगा।

पात्र बच्चों को मिलेगा लाभ

शिक्षा विभाग का कहना है कि इस बार नियमों को सख्त बनाने का उद्देश्य केवल पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि RTE योजना का लाभ केवल आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को ही मिले

ऐसे में अभिभावकों से अपील की गई है कि वे आवेदन करते समय सही और सत्य जानकारी ही दें तथा सभी दस्तावेज सही तरीके से अपलोड करें।

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