झालावाड़ में गेहूं की बंपर पैदावार की उम्मीद, अंतिम सिंचाई के दौर में खेतों में जुटे किसान

Edited By Payal Choudhary, Updated: 04 Mar, 2026 12:10 PM

jhalawar wheat crop final irrigation bumper production expected

राजस्थान के झालावाड़ जिले में इस साल गेहूं की फसल को लेकर किसानों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। जिले के अधिकांश क्षेत्रों में इन दिनों गेहूं की फसल को अंतिम सिंचाई दी जा रही है। अनुकूल मौसम, समय पर बुवाई और किसानों की मेहनत के कारण इस बार...

राजस्थान के झालावाड़ जिले में इस साल गेहूं की फसल को लेकर किसानों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। जिले के अधिकांश क्षेत्रों में इन दिनों गेहूं की फसल को अंतिम सिंचाई दी जा रही है। अनुकूल मौसम, समय पर बुवाई और किसानों की मेहनत के कारण इस बार गेहूं की बंपर पैदावार की उम्मीद जताई जा रही है।

कृषि विभाग के अनुसार वर्ष 2025-26 में जिलेभर में करीब 1 लाख 76 हजार 298 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई की गई है। यह क्षेत्र पिछले वर्षों की तुलना में अधिक माना जा रहा है। अच्छी वर्षा और मौसम की अनुकूलता के कारण गेहूं की फसल इस समय अच्छी स्थिति में है।

अंतिम सिंचाई में जुटे किसान

इन दिनों जिले के गांवों में किसान सुबह से लेकर शाम तक खेतों में काम करते नजर आ रहे हैं। खेतों में गेहूं की फसल को अंतिम पानी देने का दौर चल रहा है। किसान मेड़ों की मरम्मत, पानी का सही प्रवाह बनाए रखने और फसल की देखरेख में जुटे हुए हैं।

किसानों का कहना है कि गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए सामान्यतः 5 से 6 बार सिंचाई जरूरी होती है। वर्तमान में अधिकतर क्षेत्रों में अंतिम सिंचाई की जा रही है, जिससे फसल को पूरी तरह पकने में मदद मिल सके।

जिले के अधिकांश किसानों ने गेहूं की बुवाई नवंबर माह में की थी। इसके कारण अब फसल पकने की ओर बढ़ रही है। हालांकि, कुछ इलाकों में पानी की कमी के कारण वहां की फसल जल्दी तैयार हो गई है और उन क्षेत्रों से नया गेहूं बाजार में आना भी शुरू हो गया है।

खेतों में सुबह से शाम तक काम

किसान राजेश कुमार ने बताया कि गांवों में किसान पूरी लगन के साथ खेतों में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस समय फसल की देखभाल बेहद जरूरी होती है, इसलिए किसान लगातार खेतों में मौजूद रहते हैं।

उन्होंने बताया कि खेतों में सिंचाई के साथ-साथ मेड़ों को मजबूत करना, पानी का सही प्रवाह बनाए रखना और फसल की निगरानी करना भी जरूरी होता है। यदि इस समय सही तरीके से देखभाल की जाए तो उत्पादन बेहतर मिलता है।

डेढ़ गुना तक बढ़ सकता है उत्पादन

भारतीय किसान संघ के जिला प्रचार प्रमुख महेश मेहर ने बताया कि जिले के अधिकांश क्षेत्रों में गेहूं की फसल अच्छी स्थिति में है। यदि आने वाले दिनों में मौसम अनुकूल बना रहता है, तो इस बार उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है।

उन्होंने कहा कि सामान्यतः एक बीघा जमीन में लगभग 12 क्विंटल गेहूं का उत्पादन होता है। लेकिन इस वर्ष अनुकूल मौसम और बेहतर फसल के कारण 19 क्विंटल तक उत्पादन होने की संभावना जताई जा रही है।

यदि ऐसा होता है तो यह पिछले वर्षों की तुलना में करीब डेढ़ गुना अधिक उत्पादन होगा, जिससे किसानों की आय में भी अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है।

होली के कारण बंद हैं मंडियां

इस समय होली और धुलंडी के पर्व के कारण कृषि मंडियों में अवकाश चल रहा है। इसके चलते फिलहाल गेहूं की खरीद-फरोख्त का काम बंद है।

हालांकि, किसानों का कहना है कि 15 मार्च के बाद बड़ी मात्रा में नए गेहूं की आवक मंडियों में शुरू हो जाएगी। तब मंडियों में किसानों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिल सकती है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम सामान्य बना रहा तो आने वाले दिनों में बाजार में नए गेहूं की अच्छी आवक होगी और इससे स्थानीय कृषि व्यापार को भी गति मिलेगी।

परिवार भी कर रहा है सहयोग

गेहूं की फसल की देखभाल में केवल किसान ही नहीं बल्कि उनके परिवार के सदस्य भी पूरा सहयोग दे रहे हैं। कई गांवों में महिलाएं और बच्चे भी खेतों में किसानों की मदद करते नजर आ रहे हैं।

किसान मुकेश ने बताया कि इस साल फसल को लेकर किसानों में काफी उम्मीद है। इसी कारण परिवार के सभी सदस्य खेतों के काम में हाथ बंटा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि घर की महिलाएं खेतों में सिंचाई और अन्य कार्यों में सहयोग कर रही हैं, जबकि बच्चे भी छोटे-मोटे कामों में मदद कर रहे हैं। इससे काम जल्दी पूरा हो जाता है और फसल की देखभाल भी बेहतर तरीके से हो पाती है।

किसानों में बढ़ी उम्मीद

झालावाड़ जिले में इस साल गेहूं की फसल की स्थिति को देखते हुए किसानों में उत्साह का माहौल है। यदि मौसम अनुकूल बना रहता है और फसल को कोई नुकसान नहीं होता, तो इस बार जिले में रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन होने की संभावना जताई जा रही है।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी पैदावार से किसानों की आय में वृद्धि होगी और इससे जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

ऐसे में आने वाले कुछ सप्ताह जिले के किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि इसी दौरान फसल पककर तैयार होगी और बड़ी मात्रा में गेहूं मंडियों में पहुंचेगा।

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