झालावाड़ की सरिता कुमारी भील को NSS राज्य पुरस्कार: ‘आत्मनिर्भर भारत’ निबंध में चमकी प्रतिभा!

Edited By Payal Choudhary, Updated: 28 Mar, 2026 08:02 PM

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झालावाड़ जिले की छात्रा सरिता कुमारी भील ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उन्हें राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान 24 मार्च को Ajmer में आयोजित एक भव्य समारोह में दिया...

झालावाड़ जिले की छात्रा सरिता कुमारी भील ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उन्हें राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान 24 मार्च को Ajmer में आयोजित एक भव्य समारोह में दिया गया, जहां उच्च शिक्षा मंत्री Premchand Bairwa ने उन्हें सम्मानित किया।

यह उपलब्धि न केवल सरिता के लिए बल्कि पूरे झालावाड़ जिले और उनके कॉलेज के लिए गर्व का विषय बन गई है।

 

 ‘आत्मनिर्भर भारत 2027’ पर निबंध से मिली पहचान

सरिता का चयन ‘आत्मनिर्भर भारत 2027’ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता में हुआ। यह प्रतियोगिता Commissionerate of College Education Rajasthan द्वारा आयोजित की गई थी।

पूरे राजस्थान से इस प्रतियोगिता के लिए केवल तीन छात्र-छात्राओं का चयन किया गया था, जिनमें सरिता कुमारी भील भी शामिल रहीं। यह दर्शाता है कि उन्होंने अपनी लेखन क्षमता और विचारों से राज्य स्तर पर अलग पहचान बनाई।

 

 कॉलेज और शिक्षकों का रहा अहम योगदान

सरिता Government Girls College Jhalawar की छात्रा हैं। उनकी इस सफलता के पीछे कॉलेज प्रशासन और शिक्षकों का मार्गदर्शन भी अहम रहा।

कॉलेज की प्रिंसिपल प्रोफेसर डॉ. चारुलता तिवारी और जिला समन्वयक के निर्देशन में सरिता ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया। वहीं कार्यक्रम अधिकारी हर्षित शर्मा ने भी उन्हें लगातार प्रेरित किया।

कॉलेज के शिक्षकों ने इस उपलब्धि को पूरे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण बताया और कहा कि इससे अन्य छात्राओं को भी प्रेरणा मिलेगी।

 

प्रशस्ति पत्र के साथ नकद पुरस्कार भी मिला

सरिता को इस सम्मान के साथ प्रशस्ति पत्र और 5100 रुपये की नकद राशि भी प्रदान की गई। यह पुरस्कार उनकी मेहनत, समर्पण और प्रतिभा का सम्मान है।

कार्यक्रम अधिकारी धापू ने बताया कि सरिता ने जिस तरह से अपने विचारों को प्रस्तुत किया, वह वास्तव में सराहनीय है और इसी वजह से उन्हें राज्य स्तर पर चयनित किया गया।

 

जिले में खुशी का माहौल, छात्रा को मिल रही बधाइयां

इस उपलब्धि के बाद सरिता को बधाई देने वालों का तांता लग गया। कॉलेज के शिक्षक और छात्राओं के साथ-साथ कई गणमान्य लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।

अजय मीणा, योगिता शर्मा, रानू मीणा, राबिया सिंह, डॉ. रुचि कुलश्रेष्ठ, राम निवास मीणा और महेंद्र सिंह सहित कई लोगों ने सरिता की इस सफलता को जिले के लिए गर्व का क्षण बताया।

 

‘वंदे मातरम 150’ कार्यक्रम का भी आयोजन

इसी अवसर पर कॉलेज में ‘राष्ट्रगीत वंदे मातरम 150’ कार्यक्रम के तहत सामूहिक वंदे मातरम गायन भी किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं में देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम अधिकारी हर्षित शर्मा ने छात्राओं को सप्ताह भर चलने वाली विभिन्न गतिविधियों और आयोजनों की जानकारी भी दी।

 

 ग्रामीण पृष्ठभूमि से राष्ट्रीय पहचान तक

सरिता कुमारी भील की यह सफलता उन छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।

उनकी उपलब्धि यह साबित करती है कि यदि मेहनत और लगन हो, तो किसी भी मंच पर सफलता हासिल की जा सकती है—चाहे वह राज्य स्तर ही क्यों न हो।

 

निष्कर्ष

झालावाड़ की छात्रा सरिता कुमारी भील का NSS राज्य पुरस्कार जीतना न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि यह पूरे जिले और शिक्षा प्रणाली के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि अन्य छात्रों को भी आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए प्रेरित करेगी।

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