Edited By Payal Choudhary, Updated: 10 Feb, 2026 05:10 PM

झालावाड़ जिले के ग्राम पिपलोदी में मंगलवार को जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाकर सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि पिपलोदी का कोई भी परिवार अकेला नहीं है, जिला प्रशासन हर कदम...
झालावाड़ जिले के ग्राम पिपलोदी में मंगलवार को जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाकर सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि पिपलोदी का कोई भी परिवार अकेला नहीं है, जिला प्रशासन हर कदम पर उनके साथ खड़ा है।
पेंशन, पेयजल और राशन से जुड़ी समस्याएं उठीं
चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने पेंशन प्रकरणों के लंबित रहने, पेयजल संकट और खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत बंद हुए राशन को पुनः चालू कराने जैसे मुद्दे सामने रखे। इस पर जिला कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का संवेदनशीलता और प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर राठौड़ ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि किसी भी परिवार को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में परेशानी न झेलनी पड़े।
भामाशाह मोर सिंह को एक लाख रुपये का सहयोग
पिपलोदी हादसे के बाद राजकीय स्कूल के संचालन के लिए अपना निजी मकान उपलब्ध करवाने वाले भामाशाह मोर सिंह के योगदान की सराहना करते हुए जिला कलेक्टर ने उनके नए मकान निर्माण में सहयोग हेतु 1 लाख रुपये का चेक प्रदान किया।
कलेक्टर ने कहा, “ऐसे भामाशाह समाज के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं। इनके सहयोग से कठिन समय में व्यवस्था को संभाला जा सका।”
बालिका की आंखों की समस्या पर तुरंत संज्ञान
चौपाल के दौरान एक बालिका की आंखों से कम दिखाई देने की समस्या सामने आई। जिला कलेक्टर ने तुरंत संज्ञान लेते हुए ग्राम विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि बालिका का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनोहरथाना में कराया जाए। उन्होंने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करना समाज और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी बताया।
वैकल्पिक स्कूल और नए भवन का निरीक्षण
जिला कलेक्टर ने पिपलोदी गांव में वैकल्पिक स्थान पर संचालित राजकीय स्कूल का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर शिक्षा, मध्यान्ह भोजन और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा शिक्षकों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की पढ़ाई में किसी प्रकार की कमी न आने दी जाए।
इसके बाद उन्होंने निर्माणाधीन नए राजकीय स्कूल भवन का भी निरीक्षण किया और संबंधित संवेदक को निर्देश दिए कि भवन का निर्माण मजबूत, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सामग्री से किया जाए।
हादसे के बाद प्रशासन सतर्क
उल्लेखनीय है कि ग्राम पिपलोदी में स्कूल भवन गिरने से हुए हादसे में 7 बच्चों की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद प्रशासन द्वारा लगातार गांव में दौरे कर हालात की समीक्षा की जा रही है और व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है।
इस अवसर पर उपखंड अधिकारी पी.के. मित्तल, विकास अधिकारी कैलाश मीणा, पूर्व प्रधान पृथ्वी सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।