Edited By Payal Choudhary, Updated: 12 Mar, 2026 02:09 PM
राजस्थान के झालावाड़ स्थित सरकारी पीजी कॉलेज में छात्रों को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने के लिए दो नए स्किल कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। ये कोर्स राजस्थान फिनिशिंग स्कूल कार्यक्रम के तहत कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय की ओर से शुरू किए जा रहे हैं। इनका मुख्य...
राजस्थान के झालावाड़ स्थित सरकारी पीजी कॉलेज में छात्रों को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने के लिए दो नए स्किल कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। ये कोर्स राजस्थान फिनिशिंग स्कूल कार्यक्रम के तहत कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय की ओर से शुरू किए जा रहे हैं। इनका मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना और उन्हें नई तकनीकों से परिचित कराना है।
इन कोर्सों में छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बेसिक जानकारी, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल स्किल्स और इंटरव्यू की तैयारी जैसे विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
रोजगार से जोड़ने पर फोकस
कॉलेज प्रशासन के अनुसार इन कोर्सों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि छात्रों को सीधे रोजगार के अवसर मिल सकें। पाठ्यक्रम में केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कोर्स की संरचना इस प्रकार रखी गई है—
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70 प्रतिशत तकनीकी कौशल
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20 प्रतिशत डिजिटल कौशल
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10 प्रतिशत सॉफ्ट स्किल्स
तकनीकी कौशल में छात्रों को विभिन्न उद्योगों से जुड़े व्यावहारिक विषय सिखाए जाएंगे।
डिजिटल स्किल्स और AI की ट्रेनिंग
डिजिटल कौशल के अंतर्गत छात्रों को आधुनिक तकनीकों से परिचित कराया जाएगा।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
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MS Office
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AI बेसिक्स
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साइबर सिक्योरिटी
इसके अलावा सॉफ्ट स्किल्स के अंतर्गत छात्रों को रेज्यूमे बनाना, इंटरव्यू की तैयारी, संचार कौशल और पेशेवर व्यवहार जैसी जरूरी बातें भी सिखाई जाएंगी।
मार्च-अप्रैल से शुरू होगा प्रशिक्षण
कॉलेज के नोडल अधिकारी आशीष भार्गव के अनुसार इन कोर्सों के लिए छात्रों का चयन किया जाएगा और प्रशिक्षण के लिए दो अलग-अलग बैच बनाए जाएंगे।
प्रत्येक बैच में 30-30 छात्रों को शामिल किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण केंद्र को मार्च-अप्रैल तक शुरू करने की योजना है।
इस प्रशिक्षण में छात्रों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा जाएगा बल्कि व्यावहारिक कौशल और इंडस्ट्री आधारित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
इंडस्ट्री मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट
कोर्स पूरा होने के बाद छात्रों को इंडस्ट्री द्वारा मान्यता प्राप्त कॉर्पोरेट सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा।
इससे छात्रों को नौकरी पाने में काफी मदद मिलेगी और उनकी प्रोफेशनल प्रोफाइल मजबूत होगी।
सरकार देगी फीस का 80 से 90 प्रतिशत
इन कोर्सों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि छात्रों को बहुत कम फीस देनी होगी।
सरकार इस कार्यक्रम के तहत कुल फीस का 80 से 90 प्रतिशत तक वहन करेगी।
महिलाओं तथा एससी, एसटी, ओबीसी, एमबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के छात्रों को कुल लागत का केवल 10 प्रतिशत शुल्क देना होगा।
जबकि सामान्य वर्ग के पुरुष छात्रों को 20 प्रतिशत शुल्क जमा करना होगा।
सीटों का निर्धारण
इन कोर्सों में कुल 120 छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
70 प्रतिशत प्लेसमेंट अनिवार्य
कॉलेज के प्राचार्य रामकल्याण मीना ने बताया कि इस कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण शर्त यह है कि प्रशिक्षण देने वाली कंपनियों को प्रशिक्षण पूरा होने के बाद कम से कम 70 प्रतिशत छात्रों का प्लेसमेंट सुनिश्चित करना होगा।
इससे युवाओं के रोजगार की संभावना काफी बढ़ जाएगी।
मेरिट के आधार पर होगा प्रवेश
इन कोर्सों में प्रवेश के लिए कुछ पात्रता शर्तें भी निर्धारित की गई हैं।
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आवेदक की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
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आवेदक के पास राजस्थान का मूल निवास प्रमाण पत्र होना आवश्यक है।
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बैच शुरू होने से पहले वैध आधार कार्ड होना जरूरी है।
छात्रों का चयन 12वीं कक्षा के अंकों की मेरिट के आधार पर किया जाएगा।
इसके अलावा झालावाड़ जिले के सरकारी कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।
कोर्स की फीस
इन कोर्सों की कुल प्रशिक्षण लागत भी निर्धारित की गई है—
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टूरिज्म कोर्स: 21,420 रुपये
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बीएफएसआई कोर्स: 14,742 रुपये
सरकार की सहायता मिलने के कारण छात्रों को इन कोर्सों के लिए बहुत कम शुल्क देना होगा।