Edited By Payal Choudhary, Updated: 27 Mar, 2026 04:30 PM

झालावाड़ जिले में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने राजकीय और अनुदानित स्कूल स्तरीय छात्रावासों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार भी विभाग ने छात्रों और अभिभावकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूरी...
झालावाड़ जिले में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने राजकीय और अनुदानित स्कूल स्तरीय छात्रावासों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार भी विभाग ने छात्रों और अभिभावकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने का निर्णय लिया है। विभाग के उप निदेशक Ramnivas Yadav ने जानकारी देते हुए बताया कि 27 मार्च से इच्छुक विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। छात्र राज्य सरकार के एकीकृत SSO Portal के माध्यम से एसजेएमएस (SJMS) पोर्टल पर जाकर आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
इस पहल का उद्देश्य छात्रों को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध प्रवेश प्रक्रिया उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें छात्रावास सुविधा का लाभ बिना किसी परेशानी के मिल सके। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होने से अब छात्रों को किसी कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और वे घर बैठे ही अपना आवेदन जमा कर सकेंगे। इससे समय की बचत के साथ-साथ प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
ऑनलाइन आवेदन करने वाले विद्यार्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उनकी पहली वरीयता सूची (मेरिट लिस्ट) 10 अप्रैल को जारी की जाएगी। मेरिट सूची में शामिल विद्यार्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने दस्तावेजों का सत्यापन कराकर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी। विभाग ने छात्रों को सलाह दी है कि वे आवेदन करते समय सभी आवश्यक जानकारी सही और पूरी भरें, ताकि बाद में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
विभाग ने पहले से छात्रावास में रह रहे विद्यार्थियों के लिए भी अलग प्रक्रिया निर्धारित की है। ऐसे छात्रों को पुनः प्रवेश के लिए अपनी पिछली कक्षा की अंकतालिका और आवेदन पत्र संबंधित छात्रावास अधीक्षक को जमा करना होगा। इसके बाद अधीक्षक द्वारा पोर्टल पर ऑनलाइन प्रविष्टि कर नियमानुसार उनका प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा। इस व्यवस्था से पुराने छात्रों को भी बिना किसी अतिरिक्त परेशानी के अपनी पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिलेगा।
सामाजिक न्याय विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि छात्रावास में प्रवेश के लिए पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, आरक्षण नियम और अन्य दिशा-निर्देश विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। छात्र और अभिभावक आवेदन से पहले इन सभी जानकारी को ध्यान से पढ़ लें, ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि न हो। विभाग ने यह भी अपील की है कि अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन कर दें, जिससे सर्वर लोड या तकनीकी समस्या से बचा जा सके।
यह पहल विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जो ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से आते हैं और जिनके लिए शिक्षा प्राप्त करना कई बार संसाधनों की कमी के कारण चुनौतीपूर्ण हो जाता है। छात्रावास सुविधा उन्हें बेहतर माहौल, सुरक्षित आवास और पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती है। इसी उद्देश्य से सरकार हर साल इस प्रक्रिया को और अधिक सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है।
कुल मिलाकर, इस वर्ष की ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया छात्रों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है। डिजिटल सिस्टम के माध्यम से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि समय और संसाधनों की भी बचत होगी। ऐसे में इच्छुक छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करें और छात्रावास सुविधा का पूरा लाभ उठाएं।