Edited By Anil Jangid, Updated: 08 Jan, 2026 07:15 PM

झालावाड़। संवेदनशील प्रशासन और त्वरित निर्णय क्षमता का एक प्रेरक उदाहरण गुरुवार को जिला कलक्टर कार्यालय में देखने को मिला, जब पंचायत समिति पिड़ावा की ग्राम पंचायत बानौर निवासी 80 प्रतिशत दिव्यांग भैरूलाल की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान एक ही दिन...
झालावाड़। संवेदनशील प्रशासन और त्वरित निर्णय क्षमता का एक प्रेरक उदाहरण गुरुवार को जिला कलक्टर कार्यालय में देखने को मिला, जब पंचायत समिति पिड़ावा की ग्राम पंचायत बानौर निवासी 80 प्रतिशत दिव्यांग भैरूलाल की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान एक ही दिन में सुनिश्चित किया गया।
भैरूलाल न तो व्हीलचेयर अथवा ट्राईसाईकिल जैसी आवश्यक सहायक उपकरणों से युक्त थे और न ही उन्हें राज्य सरकार की खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिल रहा था। सीमित संसाधनों और शारीरिक असमर्थता के बावजूद वे अपनी समस्या लेकर जिला कलक्टर कार्यालय पहुंचे।
जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने भैरूलाल से संवेदनशीलता के साथ मुलाकात कर उनकी पूरी बात ध्यानपूर्वक सुनी। उन्होंने पाया कि भैरूलाल को केवल दिव्यांग पेंशन मिल रही है, जबकि खाद्य सुरक्षा योजना से वंचित रहने के कारण उन्हें राशन की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
तत्काल निर्णय, त्वरित कार्रवाई
जिला कलक्टर राठौड़ ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए संबंधित विभागों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप निदेशक रामनिवास यादव को तत्काल प्रभाव से भैरूलाल को ट्राईसाईकिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं रसद विभाग को भैरूलाल का नाम खाद्य सुरक्षा योजना में जोड़ते हुए राशन व्यवस्था शीघ्र प्रारम्भ करने के निर्देश दिए गए। निर्देशों की त्वरित अनुपालना करते हुए संबंधित विभागों ने सभी औपचारिकताएं पूर्ण कीं। परिणामस्वरूप भैरूलाल को नई ट्राईसाईकिल प्रदान की गई तथा उनका राशन भी चालू किया गया।
सम्मान और सुरक्षा के साथ घर तक पहुंचाया
मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए जिला कलक्टर ने यह भी सुनिश्चित किया कि भैरूलाल को सिविल डिफेन्स के वाहन एवं स्वयंसेवकों की सहायता से सुरक्षित रूप से उनके गांव तक पहुंचाया जाए। भैरूलाल, जो कभी असहाय महसूस कर रहे थे, अब स्वावलंबन और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने की ओर अग्रसर हैं।